22 C
London
Monday, June 22, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयSat, 30 Jul 2022 10:31 PM हिमालय में नए गांव, तिब्बतियों पर...

Sat, 30 Jul 2022 10:31 PM हिमालय में नए गांव, तिब्बतियों पर जुल्म; बेहद खतरनाक हैं ड्रैगन के इरादे हिमालय में नए गांव, तिब्बतियों पर जुल्म; बेहद खतरनाक हैं ड्रैगन के इरादे

Published on

बीजिंग

बीते कुछ वक्त में सीमावर्ती क्षेत्रों पर चीन की सक्रियता उसके खतरनाक इरादों का संकेत दे रही है। इसी कड़ी में चीनी सरकार ने 2030 तक 100,000 से अधिक तिब्बतियों को उनके घरों से स्थानांतरित करने की योजना की घोषणा की है। इसके पीछे तिब्बतियों के परंपरागत जीवन को खत्म करने के साथ-साथ भारत समेत सीमावर्ती क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित करना है। सिर्फ इतना ही नहीं, चीन हिमालय में नए गांव बसाने की योजना पर भी काम कर रहा है।

खास रणनीति का हिस्सा
तिब्बतियों को विस्थापित करना चीन की रणनीति की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। इसके तहत वह विवादित सीमावर्ती क्षेत्रों में आक्रामक ढंग से नए गांव बनाना चाहता है। तिब्बती प्रेस के मुताबिक ऐसा करके चीन एक तरफ इन क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की फिराक में है। वहीं दूसरी तरफ वह चाहता है कि भारत, भूटान और नेपाल अपनी ही सीमाओं में बंधे रहें। उधर हांगकांग में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ड्रैगन विवादित हिमालय क्षेत्र में 624 गांव बनाने की तैयारी में हैं। इस रिपोर्ट में चीन सरकार के डॉक्यूमेंट्स का हवाला दिया गया है। असल में चीन की यह योजना 2018 में लांच की गई उसकी रणनीति का हिस्सा है। तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन कम्यूनिस्ट पार्टी कमेटी द्वारा तैयार की गई इस योजना के मुताबिक चीन हिमालय पर 4800 मीटर से या उससे ऊपर रहने वाले तिब्बतियों को विस्थापित करेगा।

पर्यावरण की रक्षा का तर्क
चीन का तर्क है कि ऐसा करके वह पर्यावरण की रक्षा कर रहा है। हालांकि इस बारे में कोई भी वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि इस विस्थापन से पर्यावरण पर कोई अनुकूल प्रभाव पड़ने वाला है। हांगकांग में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक इसके पीछे का असली मकसद पारंपरिक तिब्बती जीवन शैली को समाप्त करना था। विशेष रूप से, इन क्षेत्रों में तिब्बती पीढ़ियों के लिए खानाबदोश रहे हैं। यह सदियों से तिब्बती पठार पर प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रह रहे हैं। अनुमान के मुताबिक जबरन पुनर्वास से करीब 20 लाख तिब्बती खानाबदोश विस्थापित होंगे। इसके चलते यह अपनी आजीविका खो देंगे और गरीबी में धकेल दिए जाएंगे।

Latest articles

भेल में मना 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, ‘नीम के पेड़’ का केक काटकर मनाया जन्मदिन

​भोपाल। ​भेल (BHEL) खेल परिसर, भोपाल के एथलेटिक्स ग्राउंड में आज 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग...

योग भारत की अमूल्य विरासत, हर उम्र के लिए जरूरी, बीएचईएल हरिद्वार में धूमधाम से मना अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

​"योग फॉर हेल्दी एजिंग" थीम पर बीएचईएल इंटरनेशनल क्लब में हुआ भव्य आयोजन...

भोपाल में छात्र संगठन ने री-नीट परीक्षा से पहले किया हवन, बोले- सरकार पर भरोसा नहीं भगवान भरोसे छात्र

भोपाल। पेपर लीक विवाद के बाद रविवार को देशभर में री-नीट परीक्षा आयोजित की...

वेयरहाउस नोटिस पर भड़के जीतू पटवारी, अधिकारी से बोले- सरकार का माल हटा लो, बेइज्जती बर्दाश्त नहीं

भोपाल। इंदौर के सांवेर स्थित अपने वेयरहाउसों को नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश...

More like this

अमेरिका-ईरान जंग खत्म, तय तारीख से एक दिन पहले ही समझौता, ट्रम्प चिल्लाकर बोले- डील साइन हो गई

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते...

भारत-स्लोवाकिया के बीच कई अहम समझौते, पीएम मोदी बोले- टेक्नोलॉजी हमारे संबंधों का आधार

ब्रातिस्लावा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फिचो के बीच...