10.7 C
London
Thursday, March 26, 2026
Homeराज्यपिता धूमल इस बार पहाड़ के मैदान से बाहर... पहली रैली में...

पिता धूमल इस बार पहाड़ के मैदान से बाहर… पहली रैली में अनुराग ठाकुर के क्यों छलके आंसू?

Published on

सुजानपुर

हिमाचल प्रदेश की सुजानपुर विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भावुक हो गए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल अनुराग ठाकुर के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल इस बार हिमाचल चुनाव से बाहर हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने खुद ही चुनाव लड़ने से इनकार किया था। पिछली बार वह मुख्यमंत्री चेहरा होने के बावजूद सुजानपुर सीट से हार गए थे।

अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बीजेपी कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरा जीवन लगाया है। पार्टी का हर कार्यकर्ता धूमल ने एक लड़ी में पिरोया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं।’ केंद्रीय सूचना प्रसारण व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर सुजानपुर चौगान में बीजेपी प्रत्याशी कैप्टन रणजीत सिंह के नामांकन पत्र दाखिल करने के अवसर के दौरान जनसभा संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान अनुराग ठाकुर की आखों से आंसू छलके तो बीजेपी कार्यकर्ता भी उनके साथ खूब रोए। अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘मैं आपकी भावनाओं को बहुत अच्छी तरह समझता हूं। जिस नेता के साथ आप लोगों ने पार्टी के युवा मोर्चा से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक काम किया वह भावना बहुत अलग है। वह एक परिवार की भावना है। यह बहुत कम जगह आपको देखने को मिलेगा।’

अनुराग ठाकुर ने आगे कहा,’हम तो अपने आपको सौभाग्यशाली समझते हैं कि ऐसे जिले में हमारा जन्म हुआ, ऐसी लोकसभा सीट से हमें लड़ने का अवसर भी मिला। जहां पर आप जैसे कार्यकर्ता हैं। एक बार नहीं चार बार आपने मुझे ऐसा अवसर प्रदान कराया। धूमल जी को मुख्यमंत्री आपने बनाया।’

अनुराग ठाकुर ने भावुक कार्यकर्ताओं का उनके परिवार को दिए गए सम्मान और प्रेम के लिए आभार व्यक्त किया। अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘छोटे से जिला हमीरपुर से मेरे पिता को मुख्यमंत्री और मुझे केंद्रीय मंत्री बनाया है। जिस मंत्रालय में मैं केंद्रीय मंत्री हूं उस पद पर कभी देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, चंद्रशेखर, लालकृष्ण आडवाणी सहित कई नेता सेवाएं दे चुके हैं।’

गौरतलब है कि बीजेपी के दिग्गज नेता प्रेम कुमार धूमल भी इस बार चुनावी मैदान में नहीं होंगे। धूमल ने इस बार खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। धूमल ने कहा कि वो चाहते हैं कि अब युवाओं को चुनाव लड़ाया जाए और उन्हें मौका दिया जाए। धूमल ने 1998 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब से वह चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाल रहे थे। वह दो बार सांसद भी रह चुके हैं। इस बार उन्होंने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि वह पार्टी के लिए काम करेंगे। वर्ष 1989 में लोकसभा का चुनाव जीता था और वर्ष 1998 में मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2007 से 2012 तक फिर मुख्यमंत्री बने।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...

भोपाल: निगम मुख्यालय पर मटका फोड़ प्रदर्शन; पानी के लिए तड़पे हिनोतिया आलम के रहवासी, एक महिला बेहोश

भोपाल राजधानी में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। गुरुवार...

विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला उपकरणों की कार्यप्रणाली का किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

सांची कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रयोगशाला...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...