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पहले औकात दिखाई, गाल बजा रहे पाकिस्तानियों को चुन-चुनकर धोया, ओवैसी ने बताई भारतीय मुसलमान की ताकत

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हैदराबाद

पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की बेरहमी से हत्या के बाद पूरा देश गुस्से में है। सभी राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार को कार्रवाई के लिए समर्थन देने का ऐलान किया और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मणिशंकर अय्यर, सैफुद्दीन सोज और सिद्धारमैया जैसे कांग्रेस के कुछ चुनिंदा राजनेताओं ने विवादित बयान दिए। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पाकिस्तान को दो टुकड़ों में तोड़ने की वकालत की। इस गर्म माहौल में सबसे अधिक हैरान हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने किया। भारतीय राजनीति के मुस्लिम चेहरा बने ओवैसी ने न सिर्फ पाकिस्तान पर हमला बोला, बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब दिया। बता दें कि एआईएआईएम चीफ हैदराबाद में बैरिस्टर ओवैसी के तौर पर जाने जाते हैं।

मुसलमानों के नुमाइंदे माने जाते हैं ओवैसी
पहलगाम आतंकी हमले से पहले तक असदुद्दीन ओवैसी भारतीय राजनीति में मुसलमानों के नुमाइंदे के तौर पर पहचाने जाते रहे। उनके विरोधी उन पर सांप्रदायिक और विभाजनकारी होने का आरोप लगाते रहे हैं। हाल ही वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान संसद में उन्होंने बिल की कॉपी फाड़कर गुस्से इजहार किया था। अपनी जनसभाओं में जब वह हैदराबादी लहजे में नरेंद्र मोदी और बीजेपी को सीधी चुनौती देते हैं, तो मुसलमान तालियां पीटते हैं। पहलगाम हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर दिया। ओवैसी ने राष्ट्रवादी लहजे में जिस तरह अपनी आवाज बुलंद की, उसके सामने कई हिंदू नेता फीके पड़ गए।

आतंकियों को गाली देने से भी गुरेज नहीं
हमले के बाद तुरंत बाद असदुद्दीन ओवैसी ने पहले बयान में साफ कर दिया था कि वह आतंकियों को गाली देने भी नहीं चूकेंगे। उन्होंने कहा कि ये कुत्ते कमीने नाम पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे। जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था। क्विक रिएक्शन टीम को मौके पर पहुंचने में एक घंटे से अधिक का समय लगा और इन कमीनों-हरमजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी। फिर उनका बयान आया, लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज़ औलाद है, भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है।

सर्वदलीय मीटिंग में अमित शाह से बात
हमले के दो दिन बाद केंद्र सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हुए। उन्हें गृह मंत्री अमित शाह ने खुद फोन कर पूछा था, कहां हैं आप? शाह ने उन्हें दिल्ली में होने वाली सर्वदलीय बैठक में आने को कहा। ओवैसी ने जवाब दिया कि मैं तुरंत टिकट बुक करवा रहा हूं और जल्द से जल्द दिल्ली पहुंच जाऊंगा। इस मीटिंग के बाद केंद्र सरकार ने सिंधु जल समझौते रद्द करने और वीजा कैंसल करने जैसे कई बड़े फैसले किए। इसके बाद पाकिस्तान के नेताओं ने ऊलजलूल बयानबाजी शुरू की। बिलावल भुट्टो और क्रिकेटर शाहिद आफरीदी ने भी भड़काऊ बयान दिए।

मुसलमानों की रैली से पाकिस्तान को जवाब
सर्वदलीय बैठक के अगले दिन असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ रैली में शामिल हुए। मीडिया समेत तमाम लोग एक बार फिर उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि वह मोदी सरकार के कानून के खिलाफ खड़े थे। इस रैली में ओवैसी ने पाकिस्तान के नेताओं की बेतुके बयानबाजी का चुन-चुनकर जवाब दिया। पड़ोसी देश को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान परमाणु बमों के बारे में शेखी बघारता है। आपको याद रखना चाहिए कि अगर आप निर्दोष लोगों पर हमला करेंगे और उन्हें मारेंगे, तो कोई भी देश चुप नहीं रहेगा।

पड़ोसी देश को दिखाई औकात
ओवैसी ने कहा कि आप हमारे देश में आकर टूरिस्टों का धर्म पूछकर उन्हें गोली नहीं मार सकते। पाकिस्तान को समझना चाहिए कि वह किस देश के खिलाफ ऐसी हरकतें कर रहा है। हमारे रक्षा मंत्रालय का सालाना बजट पाकिस्तान के पूरे बजट से भी ज्यादा है। वे भारत से 30 मिनट नहीं, 30 साल पीछे हैं। पाकिस्तान को बलूचिस्तान और टीटीपी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। वे दवाइयां भी नहीं बना सकते।

बिलावल और अफरीदी भी याद रखेंगे
बिलावल भुट्टो जरदारी की ‘दरिया में खून बह जाएगा’ वाले बयान का ओवैसी ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिलावल भुट्टो बेहुदे किस्म की बात कर रहें, उन्हें डिप्लोमेटिक लैंग्वेज आती नहीं। एआईएआईएम सांसद ने कहा कि बचपन की बातें नहीं करना। उनकी मां को उनके घरेलू आतंकवादियों ने मार डाला। क्या उन्हें पता भी है कि वह क्या कह रहे हैं? जब आपकी मां को गोली मारी तो वह आतंकवाद है और हमारी मां-बेटियों को मारा जाए तो वह आतंकवाद नहीं है क्या? पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी की टिप्पणी पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “वह कौन है? आप मेरे सामने इन जोकरों का नाम क्यों ले रहे हैं?”

द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को नहीं मानते हैं ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी के तेवर देखकर यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बीजेपी के घनघोर विरोधी होकर वह सरकार के साथ खड़े क्यों हैं? इस तथ्य के पीछे एक लंबा इतिहास है। मुसलमानों का पार्टी एआईएआईएम के मुखिया होने के बाद भी ओवैसी ने द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को खारिज कर दिया। उन्होंने भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश की। 2023 में मुंबई के एक भाषण में ओवैसी ने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को आड़े हाथ लिया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को भारतीय मुसलमानों के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि वे 1947 में मुहम्मद अली जिन्ना के प्रस्ताव को ठुकराकर अपनी मर्जी से यहां हैं। वह पाकिस्तान और आतंकियों के लिए ‘खवारिज से भी बदतर’, ISIS के उत्तराधिकारी, जैश-ए-शैतान और लश्कर-ए-शैतान जैसे शब्द का इस्तेमाल भी खुलकर कर चुके हैं। ऐसी भाषा बोलने में कई दलों के हिंदू नेता दशकों से हिचक रहे हैं।

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