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Wednesday, June 17, 2026
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तवांग से लेकर जिनपिंग तक… कांग्रेस ने कहा- पीएम कब करेंगे ‘मन की बात’

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नई दिल्ली

चीन के साथ एलएसी पर अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में हुई झड़प के बाद कांग्रेस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। संसद के साथ ही कांग्रेस ने सरकार को संसद के बाहर भी घेर रही है। पहले राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान शुक्रवार को जयपुर से पीएम मोदी के साथ ही केंद्र पर सवाल उठाया। आज कांग्रेस की तरफ से पीएम मोदी से चीन की साथ सीमा पर गतिरोध को लेकर सवाल उठाया गया। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने पार्टी की तरफ से पीएम मोदी से इन सवालों का जवाब देने को कहा।

पीएम 7 सवालों पर करें मन की बात
जयराम रमेश ने अपने बयान में प्रधानमंत्री से सात सवाल पूछे। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कियह प्रधानमंत्री का राजनीतिक कर्तव्य और नैतिक जिम्मेदारी है कि वह इन सात सवालों पर अपने ‘मन की बात’ करें। राष्ट्र जानना चाहता है।’ उन्होंने सवाल किया, ‘20 जून, 2020 को आपने (प्रधानमंत्री) क्यों कहा कि पूर्वी लद्दाख में चीन द्वारा कोई घुसपैठ नहीं हुई? आपने चीन को यह अनुमति क्यों दी कि वह हमारे सैनिकों को उन हजारों किलोमीटर के क्षेत्र में जाने से रोके जहां वे मई, 2020 से पहले नियमित रूप से गश्त किया करते थे?’

‘माउंटेन स्ट्राइक कोर’ प्लान क्यों छोड़ दिया
रमेश ने यह भी पूछा कि आपने ‘माउंटेन स्ट्राइक कोर’ बनाने को लेकर `17 जुलाई, 2013 को कैबिनेट द्वारा स्वीकृत की गई योजना को क्यों त्याग दिया? आपने चीनी कंपनियों को पीएम केयर फंड में अंशदान क्यों देने दिया? आपने पिछले दो वर्षों में चीन से आयात को रिकॉर्ड स्तर पर क्यों बढ़ने दिया? कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि आप इस बात पर जोर क्यों दे रहे हैं कि सीमा के हालात और चीन से खड़ी हुई चुनौतियों पर संसद में चर्चा नहीं होनी चाहिए?

चीन के शीर्ष नेतृत्व के साथ 18 बार मुलाकात
रमेश ने कहा कि आपने चीन के शीर्ष नेतृत्व के साथ 18 बार मुलाकात की है और हाल ही में शी चिनफिंग से बाली में हाथ भी मिलाया। चीन ने तवांग सेक्टर में हाल ही में अतिक्रमण की शुरुआत की और सीमा पर हालात को एकतरफा ढंग से बदल रहा है। आप देश को भरोसे में क्यों नहीं ले रहे हैं?’

अरुणाचल के तवांग में हुई थी झड़प
भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच नौ दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में ताजा संघर्ष हुआ था। इसमें दोनों तरफ के जवानों को चोटें आई थीं। यह जून 2020 में गलवान घाटी में घातक झड़प के बाद इस तरह की पहली बड़ी घटना थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खबर आने के अगले दिन संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस घटना पर विस्तृत बयान दिया था।

बता दें कि एक दिन पहले शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जयपुर में भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और केंद्र सरकार पर हमला बोला था. राहुल ने कहा था कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है और केंद्र सरकार सो रही है. खतरे को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है. राहुल ने आरोप लगाया कि चीन ने 2,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय इलाके में कब्जा कर लिया है. हमारे 20 भारतीय सैनिकों को मार डाला और अरुणाचल प्रदेश में हमारे जवानों की पिटाई की जा रही है.

उसके बाद बीजेपी ने शनिवार सुबह गांधी परिवार पर निशाना साधा और देश विरोधी बयान होने के आरोप जड़ दिए. देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं. अब बीजेपी के जवाब में कांग्रेस पार्टी ने पलटवार किया है और पीएम से सात सवाल पूछे हैं.

AICC मीडिया विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा- ‘प्रधानमंत्री चीन से क्यों डरते हैं, इसके पीछे क्या राज है? आप बार-बार चीन की ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को ठेके क्यों देते हैं? चीन से आपका क्या रिश्ता है? कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा- इन सात सवालों पर मन की बात करना प्रधानमंत्री का राजनीतिक कर्तव्य और नैतिक दायित्व है. देश जानना चाहता है.

कांग्रेस के 7 सवाल

1. 20 जून, 2020 को आपने ऐसा क्यों कहा कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में चीन की ओर से कोई घुसपैठ नहीं हुई है?
2. आपने चीनियों को हमारे सैनिकों को पूर्वी लद्दाख में हजारों वर्ग किलोमीटर तक पहुंचने से रोकने की अनुमति क्यों दी, जहां हम मई 2020 से पहले नियमित रूप से गश्त कर रहे थे?
3. आपने माउंटेन स्ट्राइक कोर की स्थापना के लिए 17 जुलाई 2013 को कैबिनेट द्वारा स्वीकृत योजना को क्यों छोड़ दिया?
4. आपने चीनी कंपनियों को पीएम केयर्स फंड में योगदान की अनुमति क्यों दी है?
5. आपने पिछले दो वर्षों में चीन से आयात को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ने की अनुमति क्यों दी है?
6. आप इस बात पर जोर क्यों दे रहे हैं कि सीमा की स्थिति और चीन से हमारे सामने आने वाली चुनौतियों पर संसद में बहस नहीं होनी चाहिए?
7. आपने शीर्ष चीनी नेतृत्व से अभूतपूर्व 18 बार मुलाकात की है और हाल ही में बाली में शी जिनपिंग से हाथ मिलाया है. इसके तुरंत बाद चीन ने तवांग में घुसपैठ शुरू कर दी और सीमा की स्थिति में एकतरफा बदलाव करना जारी रखा. आप देश को भरोसे में क्यों नहीं लेते?

बताते चलें कि कांग्रेस एलएसी पर भारत-चीन झड़प का मामला संसद के दोनों सदनों में उठाती रही है. अन्य विपक्षी दलों के साथ कांग्रेस के सांसद दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में एक बार फिर से मामले को उठाने के लिए तैयार हैं. अब सोमवार को एलएसी पर स्थिति पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं.

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