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आईएमए के देशव्यापी हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित, IMA ने कहा- पीएम करें हस्तक्षेप

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नई दिल्ली

कोलकाता में डॉक्टर की रेप और हत्या के विरोध में आईएमए के देशव्यापी हड़ताल से हेल्थ सर्विसेज बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। डॉक्टरों की हड़ताल का असर यूपी, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, गुजरात, ओडिशा में स्वास्थ्य सेवाएं पर देखने को मिल रहा है।इंडियन मेडिकल एसोसिशन (IMA) ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा पर रोक लगाने के लिए एक केंद्रीय कानून लाने की मांग की। इसके साथ ही एसोसिएशन ने अस्पतालों को अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं के साथ सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने के लिए ‘हस्तक्षेप’ की मांग की। डॉक्टरों के शीर्ष संगठन की तरफ से ये मांगे कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के कथित रेप-हत्या और उसके बाद की बर्बरता की पृष्ठभूमि में की गई हैं।

आईएमए की हड़ताल का असर
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से इस मामले में गैर-आपातकालीन सेवाओं से 24 घंटे के राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर रहा है। इस हड़ताल से दिल्ली एम्स समेत देशभर के सरकारी अस्पतालों में हेल्थ सर्विसेज पर असर पड़ा है। मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को हड़ताल के छठे दिन सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्राइवेटअस्पताल भी इसमें शामिल हो गए हैं। सर गंगा राम, फोर्टिस एवं अपोलो जैसे अस्पतालों ने अपनी ओपीडी, वैकल्पिक सर्जरी एवं आईपीडी सेवाएं बंद कर दी हैं। आईएमए ने एक बयान में कहा कि वह इस घटना के बाद से ‘अत्यधिक चिंतित’ है। एसोसिएशन ने पश्चिम बंगाल सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। आईएमए की तरफ से हेल्थवर्कर्स की सुरक्षा और कामकाजी परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय प्रस्तावित किए हैं।

एयरपोर्ट की तर्ज पर सुरक्षा
आईएमए ने एक केंद्रीय अधिनियम की वकालत की है। इसमें मौजूदा राज्य कानूनों से परे सुरक्षा को मजबूत करने के लिए “स्वास्थ्य सेवा कर्मी और नैदानिक स्थापना (हिंसा और संपत्ति को नुकसान पर प्रतिबंध) विधेयक 2019” में महामारी रोग अधिनियम के 2020 संशोधनों को शामिल किया जाए। वे सिफारिश करते हैं कि अस्पताल सुरक्षा प्रोटोकॉल को हवाई अड्डों के अनुरूप उठाया जाए। इसमें सीसीटीवी और कर्मियों की तैनाती जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

डॉक्टरों के काम की स्थितियों में बदलाव हो
इसके अलावा, वे रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए काम करने की स्थितियों में बदलाव की मांग की गई है। इसमें 36 घंटे की शिफ्ट और अपर्याप्त आराम स्थान जैसे मुद्दों को सुलझाने पर जोर दिया गया है। IMA हेल्थ वर्कर्स के खिलाफ अपराधों की पूरी और समयबद्ध जांच और प्रभावित परिवारों के लिए उचित, सम्मानजनक मुआवजे की भी मांग करता है।

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