5 C
London
Monday, March 16, 2026
Homeराष्ट्रीयअपने पालतू कुत्ते की मौत पर भड़के हाईकोर्ट के जज, सुरक्षाकर्मियों को...

अपने पालतू कुत्ते की मौत पर भड़के हाईकोर्ट के जज, सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड करने के लिए लिखा पत्र

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट ट्रांसफर किए गए जस्टिस गौरांग कंठ ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (सिक्योरिटी) को पत्र लिखा है.जस्टिस कंठ का आरोप है कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही की वजह से उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गई, इसलिए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया जाए.

कुत्ते की हो गई थी मौत
कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस गौरांग कंठ ने उन पुलिसकर्मियों पर पुलिस कार्रवाई करने की मांग की है जो आपात स्थिति में उनके बंगले का दरवाजा खोलने में विफल रहे. जस्टिस कंठ का आरोप है कि पुलिसकर्मियों की इस अक्षमता की वजह से उनके पालतू कुत्ते की मौत हो गयी. अब जस्टिस कंठ ने दिल्ली जेसीपी को पत्र लिखकर अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाने की मांग की है.

क्या लिखा पत्र में
जस्टिस कंठ ने अपने पत्र में लिखा, ‘मैं इस पत्र को बहुत दुखी और क्रोधित मन से लिख रहा हूं. मेरे बंगले की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों की अयोग्यता की वजह से मेरे पालतू कुत्ते की मौत हो गई. मैं बंगले पर तैनात सुरक्षा अधिकारियों को लगातार बताता रहा कि दरवाजे को लॉक रखें, लेकिन वो मेरे दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते रहे और अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे. ड्यूटी को लेकर इस तरह की अयोग्यता और अनदेखी पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. इस तरह तो मेरे जीवन को भी खतरा हो सकता है… सुरक्षाकर्मियों की इस तरह की लापरवाही से मेरे घर पर कोई और इंसीडेंट हो सकता है, मैं अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं…. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि ऐसे अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करें…’

सीजेआई ने की थी ये मांग
जस्टिस कंठ ने संयुक्त पुलिस कमिश्नर से इस संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट तीन कार्य दिवसों के भीतर देने के कहा है. जस्टिस कंठ का यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चंद्रचूड ने देश के सभी जजों को कहा है कि प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली सुविधा आपका विशेषाधिकार नहीं है. सीजेआई ने कहा है कि सुविधाओं का ऐसा इस्तेमाल करें कि दूसरों को तकलीफ न उठानी पड़े.

हाईकोर्ट के जज ने रेलवे से मांगा था स्पष्टीकरण
दरअसल ट्रेन से यात्रा के दौरान असुविधा होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने रेलवे से स्पष्टीकरण मांगा तो चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने दखल देते हुए आपत्ति जताई और यह पत्र लिखा. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने ट्रेन में ‘असुविधा’ होने पर भारतीय रेलवे के अफसरों पर नाराजगी जताई है और उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को एक पत्र भेजा है. है. इस पत्र में पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है और दोषी अफसरों से स्पष्टीकरण मांगे जाने का आदेश दिया था.

Latest articles

निगम के सेंट्रल वर्कशाप में लोकायुक्त का छापा, कर्मचारियों से पूछताछ, दस्तावेजों की जांच

निगम के वाहनों की मरम्मत के नाम पर फर्जी बिल बनाकर भुगतान किए जाने...

भोपाल नगर निगम में फर्जी बिल और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लोकायुक्त की बड़ी छापा मार कार्रवाई

भोपाल नगर निगम में रविवार सुबह 9 बजे लोकायुक्त की टीम ने सेंट्रल वर्क...

भोपाल में स्मार्ट सिटी रोड पर हवाला लूट: 12 गिरफ्तार, 35 लाख जब्त, फरार आरोपियों की तलाश जारी

भोपाल। राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी रोड पर हवाला के 55 लाख रुपए लूटने...

खण्डेलवाल परिवार के दुख में शामिल हुए सांसद आलोक शर्मा, दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा के सांसद श्री आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

शाहबाज़ डिवीजन द्वारा “शौर्य रन का आयोजन

सागर भारतीय सेना के तत्वावधान में शाहबाज़ डिवीजन द्वारा "शौर्य रन 2026" थीम के...