नई दिल्ली
रूस यूक्रेन युद्ध पिछले दो साल से जारी है लेकिन अभी तक यह खत्म नहीं हुआ है बल्कि अब रूस यूक्रेन पर बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। रूस जहां अमेरिका से अपनी हॉट लाइन बंद कर चुका है तो दूसरी ओर कीव में अमेरिका ने अपना दूतावास भी बंद कर दिया है। इसके चलते यह सवाल खड़े होने वाले हैं कि रूस यूक्रेन में कोई बड़ा हमला भी कर सकता है।
दरअसल, हाल ही 19 नवंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रशासन ने परमाणु सिद्धांतों के नए नियमों पर मुहर लगाई है, जिसके बाद से ही पूरे पश्चिमी देशों के गुट में खलबली मच गई है। इसकी वजह यह भी है कि रूस अब अपने परमाणु हथियारों को मजबूत कर रहा है, जिससे पश्चिमी देशों की टेंशन बढ़ गई है।
अमेरिका से 62 साल बाद हॉटलाइन बंद
ध्यान देने वाली बात यह है कि एक तरफ जहां रूस ने अपने परमाणु सिद्धांतों में बदलाव किया है, तो दूसरी ओर अमेरिका से 62 साल बाद अपना हॉटलाइन संपर्क रद्द कर दिया है। ऐसे में अब अमेरिका और रूस के बीच फिलहाल कोई सीधा संपर्क नहीं दिखता है।
यूक्रेन के हमले को माना जाएगा नाटो का अटैक
रूस ने अपनी नीति में एक और बड़ा बदलाव नाटो देशों के लेकर किया है । इसके मुताबिक, रूस यूक्रेन द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइलों के हमलों को नाटों का हमला मानेगा। इसके चलते संभावना है कि अब रूस यूक्रेन द्वारा हो रहे हमलों को लेकर न केवल यूक्रेन को जवाब देगा बल्कि यूरोपी देशों को भी निशाना बना सकता है।
अमेरिका ने कीव में बंद किया दूतावास
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परमाणु अटैक को लेकर बड़ी वॉर्निंग दी थी और इसके चलते अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए कीव में अपना दूतावास ही बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि संभावित खतरे और हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए रूस ने अस्थाई तौर पर अमेरिकी दूतावास पर ताला लगा दिया है।
रूस के सहयोगियों ने कर ली तैयारी
ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अब रूस यूक्रेन पर अंतिम प्रहार करने के मूड में आ गया है। आशंका यह है कि यूक्रेन पर रूस के ये हमले टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों से हो सकते हैं। इतना ही नहीं, एक तरफ जहां रूस तैयार है, तो दूसरी ओर उसके सहयोगी देश भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहे हैं। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी करते हुए संवर्धित यूरेनियम के अपने भंडार को और बढ़ा लिया है।
ईरान कर रहा यूरेनियम का संवर्धन
IAEA की रिपोर्ट है कि ईरान ने अक्टूबर के महीने में 182 किलोग्राम यूरेनियम संवर्धन किया है। अगस्त 2024 में ईरान ने 165 किलोग्राम यूरेनियम संवर्धन किया था। ईरान के पास 6064 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम है। हालांकि इसे 60% तक ही संवर्धित किया जा सका है। परमाणु हथियार बनाने के लिए 90% तक संवर्धित यूरेनियम की जरूरत होती है।
