नई दिल्ली
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज भारत-चीन के बीच ताजा स्थिति के बारे में संसद में बात की। जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन सीमा विवाद को खत्म करने के लिए दशकों से बात कर रहे हैं। LAC पर विवाद है। सीमा पर हमलोग आपसी सहमति से विवाद हल करने के लिए सहमत हुए हैं। जयशंकर ने आगे कहा कि पूर्वी लद्दाख में मई 2020 में चीन ने बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की थी। इससे पेट्रोलिंग में दिक्कत आई थी। उस समय कोविड की स्थिति के बाद भी हम लोगों ने सीमा पर तेजी से सैनिकों की तैनाती की थी।
एस जयशंकर ने दोनों देशों के बीच ताजा स्थिति पर बोलते हुए कहा कि गलवान वैली में जून 2020 में हुए तनाव के बाद चीन और भारत में काफी तनाव हो गया था। इसके बाद भारत ने LAC पर बड़ी संख्या में हथियारों की तैनाती की थी।
सरकार सरहद की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध, डिसइंगेजमेंट पर जोर- जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सीमा विवाद पर चर्चा लगातार जारी है. शांति के लिए साझा प्रयास जारी हैं. सीमा पर शांति से ही रिश्ते अच्छे होंगे. कमांडर स्तर की बातचीत हुई. सीमा विवाद सुलझाने को प्रतिबद्ध हैं. मैंने चीनी विदेश मंत्री से बात की. रक्षा मंत्री ने भी चीनी रक्षा मंत्री से बात की. आसियान के सम्मेलन में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात हुई. दोनों ओर से एलएसी का सम्मान हो. चीन के साथ डिसइंगेजमेंट पर बात हुई. पूर्वी लद्दाख में पूरी तरह से डिसइंगेजमेंट हो चुका है. तनाव वाले इलाकों में डिसइंगेजमेंट पर हमारा फोकस है. विदेश मंत्री ने सीमा सड़क संगठन की ओर से बनवाए गए रोड और टनल का जिक्र भी अपने बयान में किया और कहा कि सरकार सीमा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. राष्ट्रीय सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है.
कूटनीति से सुधरे एलएसी पर हालात- विदेश मंत्री
विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन मुद्दे पर लोकसभा में बयान दे रहे हैं. एस जयशंकर ने 1962 के संघर्ष का जिक्र किया और पाकिस्तान की ओर से कब्जाई गई भारतीय जमीन चीन को दिए जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने गलवान की घटना के बाद एलएसी पर जारी तनातनी का उल्लेख करते हुए कहा कि पैट्रोलिंग बंद थी. कूटनीतिक पहल से एलएसी पर हालात सुधरे हैं. दोनों देश हालात सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं. एलएसी पर हालात सामान्य हैं. चीन से बातचीत जारी है लेकिन हमारी सेना मुस्तैद है. सहमति से ही मसलों का समाधान होगा. समझौतों का पालन पूरी तरह से होना चाहिए. कोई भी पक्ष स्थिति से छेड़छाड़ नहीं करेगा.
