नई दिल्ली,
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला किया है. ‘आज तक’ से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद आज देश के हालात पहले से कहीं ज्यादा खराब हो गए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों को हिंदू- मुस्लिम में बांट रही है.उन्होंने कहा कि यदि आप चाहते हैं कि देश में शांति बनी रहे तो व्यक्तिगत मतभेदों को भूलना होगा. महबूबा ने कहा कि राहुल गांधी एक राष्ट्र के विचार को मरने नहीं देंगे.
महाभारत का दिया उदाहरण
आर्टिकल 370 को लेकर महाभारत का उदाहरण देते हुए महबूबा ने कहा, ‘जिस तरह कौरवों से लड़ाई के समय कृष्ण भगवान सामने आए थे, मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर को बचाने के लिए कृष्ण भगवान की तरह आएगा, लेकिन यह एक राजनीतिक लड़ाई है और इसमें कोई कृष्ण भगवान नहीं है.’
2024 चुनाव को लेकर विपक्षी दलों में तकरार को लेकर महबूबा ने कहा कि गठबधन में मुश्किलें आती हैं. उन्होंने राहुल को PM मैटेरियल बताया. दिल्ली की खींचतान पर PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने कहा कि .ऐसी मुश्किलें आएंगी, लेकिन इससे पार पा लेंगे.
गांधी बनाम गोडसे
महबूबा ने कहा, यह गांधी, नेहरू, सरदार पटेल बनाम गोडसे भारत की लड़ाई है. नूंह और मणिपुर में क्या हो रहा है. ऐसा पाकिस्तान में होता रहा है, सीरिया में ऐसा हो रहा है, लोग अल्लाह हू अकबर कह रहे हैं और एक दूसरे को मार रहे हैं, यहां लोग जय श्री राम कह रहे हैं और मार रहे हैं.मैं बहुत खुश हूं कि राहुल गांधी भारत को आगे ले जा रहे हैं. राहुल गांधी बहुत पढ़ें लिखें हैं, उन्हें हर चीज का ज्ञान है, वह सभी विषयों पर बात कर सकते हैं.राहुल भारत को बचाना चाहते हैं. जो बात उन्हें परेशान कर रही है वह यह है कि भारत में उस विचार को कैसे बचाया जाए, गांधी के उस विचार को कैसे बचाया जाए जिसके लिए गांधी जी औऱ उनके पिता परदादा ने अपनी जान दे दी. I.N.D.I.A. सिर्फ बीजेपी से ही नहीं बल्कि एजेंसियों से भी लड़ रहा है.’
महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘मैं विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी, लेकिन संसदीय चुनाव के बारे में सोचूंगी. मैं अपना जीवन जम्मू-कश्मीर के लिए समर्पित नहीं करूंगीं, सत्ता हासिल करना मेरा उद्देश्य नहीं है, यह कश्मीर का समाधान ढूंढने के लिए समर्पित होगा जो जटिल है.’
सबको आना होगा साथ
पीडीपी प्रमुख ने कहा,’आज आइडिया ऑफ इंडिया के सर्वाइवल की बात है, अगर आपने इस मुल्क की आत्मा को जिंदा रखना है तो आपको अपने निजी हितों को भूलकर आगे आना होगा, जैसै हम (पीडीपी) और नेशनल कॉन्फ्रेंस साथ आए हैं. हम तो बिल्कुल ही सालों से एक दूसरे की खिलाफत करते रहे हैं. मैंने कदम उठाया, फारूख साहब ने कदम उठाया. जम्मू कश्मीर के लिए हम एकसाथ आए हैं तो इसी तरह अगर देश बचेगा तो तभी पार्टियां भी बचेंगी.मुझे लगता है कि देश को इस नफरत से बाहर निकालने की जरूरत है.’
