17.9 C
London
Sunday, June 21, 2026
Homeराज्यअतिक्रमण था तो कैसे बने स्कूल-अस्पताल? हल्द्वानी में 4400 घर बचाने की...

अतिक्रमण था तो कैसे बने स्कूल-अस्पताल? हल्द्वानी में 4400 घर बचाने की लड़ाई, SC में सुनवाई

Published on

हल्द्वानी,

उत्तराखंड के हल्द्वानी पर पूरे देश की नजर लगी है. सब ये जानना चाहते हैं कि क्या हजारों लोगों की दुआएं अदालत में भी कबूल हो पाएंगी ? क्या दुआ पढ़ते हुए जुड़े इन हाथों के आशियानों पर चलने वाला बुलडोजर रुक पाएगा ? क्या रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण की कीमत 50 हजार लोग चुकाएंगे ?

या फिर सरकारी चूक का नतीजा 4400 परिवारों को अपना घर खोकर उठाना पड़ेगा ? 4400 घर, 50 हजार नागरिक, बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी, 2 मंदिर, 20 मस्जिद, 3 सरकारी स्कूल, 11 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल, एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र… क्या इन सबकुछ पर 8 जनवरी को अतिक्रमण के ठप्पे के साथ अब बुलडोजर चल जाएगा ?

हाई कोर्ट ने सात दिन का दिया है वक्त
उत्तराखंड के हल्द्वानी में करीब 50 हजार लोगों के आशियाने पर बुलडोजर चलने का खतरा है. आरोप है कि हलद्वानी में करीब 4400 परिवार रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण करके रहते हैं. उत्तराखंड हाई कोर्ट ने रेलवे को सात दिन में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है. आज इस केस में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है.

केस को लेकर उठ रहे हैं कई सवाल
उधर हल्द्वानी में दुआओं का दौर जारी है. सुनवाई से पहले इस केस को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. पहला- अगर रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हुआ तो फिर सरकार हाउस टैक्स, वॉटर टैक्स, बिजली का बिल कैसे लेती रही? दूसरा- अगर रेलवे की जमीन है तो फिर सरकार ने खुद यहां तीन-तीन सरकारी स्कूल और सरकारीअस्पताल कैसे बना दिया?

तीसरा- सरकारी स्कूल भी गिरेंगे तो बच्चों को अस्थाई रूप से पढ़ाने का प्रशासन सोचता है और हजारों लोग बेघर होकर कहां जाएंगे, ये क्यों नहीं सोचा जाता ? जब सरकार तक को नहीं पता होता कि जमीन रेलवे की है या सरकारी तो फिर सिर्फ जनता क्यों अतिक्रमणकारी है ? इन सवालों का जवाब मिलना बाकी है, लेकिन प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है.

प्रशासन ने कर ली पूरी तैयारी
जिनके घरों को अतिक्रमण मानकर उत्तराखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर गिराने के लिए रेलवे के अधिकारी तैयारी कर चुके हैं, मुआयना कर चुके हैं, प्रशासन ने कितनी फोर्स मंगानी है घर गिराने के लिए? ये तय कर लिया है. 14 कंपनी पैरामिलिट्री-आरपीएफ मांगी गई है. पांच कंपनी पीएसी लगी है और जिला प्रशासन को अब 8 तारीख का इंतजार है.

क्या है पूरा मामला
ये कहानी हल्द्वानी के बनभूलपुरा के 2.2 किमी इलाके में फैले गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और इंदिरा नगर की, जहां रहने वालों को रेलवे नोटिस जारी कर चुका है कि 82.900 किमी से 80.170 रेलवे किमी के बीच अवैध अतिक्रमणकारी हट जाएं, वरना अतिक्रमण हटाया जाएगा और कीमत उसकी अतिक्रमणकारियों से ही वसूली जाएगी.

रेलवे के मुताबिक, 2013 में सबसे पहले गौला नदी में अवैध रेत खनन को लेकर मामला कोर्ट में पहुंचा था. 10 साल पहले उस केस में पाया गया कि रेलवे के किनारे रहने वाले लोग ही अवैध रेत खनन में शामिल हैं. तब दावा है कि हाईकोर्ट ने रेलवे को पार्टी बनाकर इलाका खाली कराने के लिए कहा. तब स्थानीय निवासियों ने विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाकर याचिका दायर की.

सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निवासियों की भी दलीलें सुनने का निर्देश दिया. रेलवे दावा करती है कि सभी पक्षों की फिर दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 20 दिसंबर 2022 को अतिक्रमणकारियों को हटाने का निर्देश दिया. रेलवे दावा करता है कि उसके पास पुराने नक्शे हैं, 1959 का नोटिफिकेशन है, 1971 का रेवेन्यू रिक़ॉर्ड है और 2017 की सर्वे रिपोर्ट है.

लेकिन अपने हाथ में तमाम दस्तावेज, पुराने कागज और दलीलों के साथ लोग सवाल उठाते हैं. स्थानीय लोग कहते हैं कि रेलवे की जमीन पर हमने अतिक्रमण नहीं किया, रेलवे हमारे पीछे पड़ी है. फिलहाल 4400 परिवारों और 50 हजार लोग रेलवे के लोग अतिक्रमणकारी हैं या फिर अपना घर बचाने के लिए ये लाचारी के मोड़ पर खड़े हैं… फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है.

Latest articles

फादर्स डे पर पुत्र शिवरतन ने ब्रह्मलीन दादाजी गुरुदेव चुन्नीलाल नामदेव को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

भोपाल। फादर्स डे के पावन अवसर पर स्थानीय निवासी शिवरतन नामदेव ने अपने पूज्य...

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज: थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’, छत्तीसगढ़ का मुख्य आयोजन अंबिकापुर में

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में...

शिविरों में मामूली त्रुटियां दूर कर वंचितों को मिल रहा योजनाओं का लाभ : सीएम भजनलाल

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पाली जिले के सुमेरपुर अंतर्गत राजकीय उच्च...

अकाल तख्त ने जारी किया सीएम भगवंत मान की पेशी का वीडियो, मान बोले- एआई से बना है फर्जी वीडियो

अमृतसर/चंडीगढ़। सिख कौम की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब ने शनिवार को पंजाब के...

More like this

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज: थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’, छत्तीसगढ़ का मुख्य आयोजन अंबिकापुर में

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में...

शिविरों में मामूली त्रुटियां दूर कर वंचितों को मिल रहा योजनाओं का लाभ : सीएम भजनलाल

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पाली जिले के सुमेरपुर अंतर्गत राजकीय उच्च...

अकाल तख्त ने जारी किया सीएम भगवंत मान की पेशी का वीडियो, मान बोले- एआई से बना है फर्जी वीडियो

अमृतसर/चंडीगढ़। सिख कौम की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब ने शनिवार को पंजाब के...