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Tuesday, March 31, 2026
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बिहार में 20 साल से निकम्मी सरकार… NDA से अलग होते ही पशुपति पारस के बदले सुर; खेला की तैयारी तो नहीं?

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आरा

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पिछले 20 सालों की सरकारों को ‘निकम्मी’ कहा और राज्य में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। पारस ने अमित शाह के बिहार में कैंप करने वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और जनता के वोट की ताकत पर जोर दिया। यह सब उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बाबू चन्द्रिका सिंह यादव की 30वीं पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा।

बिहार सरकार पर तीखे हमले
दरअसल, भोजपुर जिले के बिहियां प्रखंड के भड़सरा गांव में स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बाबू चन्द्रिका सिंह यादव की 30वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर RLJP प्रमुख पशुपति कुमार पारस मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने स्वर्गीय चन्द्रिका सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने बिहार की मौजूदा स्थिति पर तीखे हमले किए।

बिहार में निकम्मी सरकार
पारस ने पिछले दो दशकों में बिहार में सत्तासीन रही सरकारों को ‘निकम्मी’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन 20 सालों में एक भी नया कारखाना नहीं लगा, जिससे बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया और आरा में हुई एक बड़ी लूट की घटना का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि यह घटना राज्य में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री के गृह जिले में एक महिला के पैर में कील ठोंकने की घटना का जिक्र करते हुए, पारस ने प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े मंत्री या अधिकारी ने उस महिला की सुध नहीं ली। इससे साफ जाहिर होता है कि बिहार में प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है।

पहली बार एनडीए सरकार पर हमला
बता दें कि पारस ने NDA गठबंधन से अलग होने के बाद पहली बार केंद्र सरकार और ‘डबल इंजन’ सरकार पर भी निशाना साधा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार में कैंप करने वाले बयान पर उन्होंने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कितना कैंप करेंगे? उन्होंने जनता की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि आखिरकार जनता ही मालिक है।

पारस ने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि चौकी पर बैठने वाला चौकीदार, जमीन पर बैठने वाला जमींदार है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के पास एक वोट का अधिकार है, चाहे वह राजा हो, प्रजा हो, मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री। उन्होंने सवाल किया कि क्या गृह मंत्री के पास दो वोट हैं? उन्होंने कहा कि इस बार जनता बदलाव चाहती है।

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