7 C
London
Wednesday, March 18, 2026
Homeराष्ट्रीयJNU टुकड़े-टुकड़े गैंग वाला राष्ट्रविरोधी संस्थान है? VC ने इंटरव्यू में अपने...

JNU टुकड़े-टुकड़े गैंग वाला राष्ट्रविरोधी संस्थान है? VC ने इंटरव्यू में अपने तर्कों से सबकी बोलती बंद की

Published on

नई दिल्ली

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के देश का नामी संस्थान है। इस यूनिवर्सिटी से निकले लोगों ने देश-विदेश में अपना नाम किया है। मोदी सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में तीन मंत्री भी जेएनयू के छात्र रह चुके हैं। इन सबके बीच कुछ लोग ऐसे हैं जो हमेशा से यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि यह एक देशविरोधी संस्थान है। यहां टुकड़े-टुकड़े गैंग मानसिकता के लोग हैं लेकिन जेएनयू की मौजूदा वीसी ऐसा नहीं मानतीं। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में जवाहरलाल यूनिवर्सिटी की पहली महिला वाइस चांसलर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित इन्हीं सवालों पर बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब जेएनयू से निकले लोग देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं तो एंटी नैशनल कैसे हो सकते हैं।

‘देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं तो एंटी नैशनल कैसे’
वीसी धुलीपुड़ी पंडित ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में टुकड़े-टुकडें गैंग के सवाल पर जवाब दिया। उनसे पूछा गया कि केंद्र सरकार के ही कई सीनियर लीडरों ने जेएनयू की ऐसी छवि बनाई है कि इसमें टुकड़े-टुकड़े गैंग और देशविरोधी लोग पढ़ते हैं। इस पर शांतिश्री ने कहा कि मुझे खुद मौजूदा सरकार ने चुन कर भेजा है इसलिए वह मझे टुकड़े-टुकड़े नहीं कह सकते। हमें इस छवि को बदलन होगा। उन्होंने कहा कि, देखिए जेएनयू को ऐसा दिखाया गया कि की यहां अर्बन नक्सल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और देशविरोधी छवि वाले लोग पढ़ते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मैं एक चीज स्पष्ट कर देना चाहती हूं। मौजूदा मोदी सरकार में 3 मंत्री ऐसे हैं जो इसी जेएनयू के छात्र रह चुके हैं। ब्यूरोक्रेसी में मौजूद 70 फीसदी लोग जेएनयू से पढ़े हुए हैं और एकेडमिक्स में 50 फीसदी लोग यहीं से निकले हुए हैं। जब जेएनयू से निकले लोग देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं तो एंटी नैशनल कैसे हो सकते हैं।

मैं भी इसी संस्थान से पढ़ी हूं- जेएयू वीसी
एक सवाल के जवाब में वीसी शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने कहा कि मेरा यह कर्तव्य है कि मैं यूनिवर्सिटी की सकारात्मक छवि पेश करूं। मैं भी जेएनयू की ही प्रोडक्ट हूं। ऐसे में अगर मुझे वह एंटी नैशनल या देश विरोधी कहेंगे तो मुझे भी दुख होगा। आज जो मैं हूं वह केव ल और केवल इस संस्थान की वजह से हूं। मैं सरकार को दोष नहीं दे रही हूं। जेएनयू में ज्यादातर फैकल्टी ऐसी हैं जिनका काम बहुत अच्छा है। वह उतने ही देशभक्त हैं जितने बाकी लोग हैं।

Latest articles

इंटक में  तौहीद सिद्दीकी को मिली अहम जिम्मेदारी

भोपाल मप्र नगरीय निकाय श्रमिक कर्मचारी संघ (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष अशोक गोस्वामी द्वारा संगठन...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात, राजस्थान में अक्षय ऊर्जा के विस्तार पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय...

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर अब एनएमडीसी के बोर्ड में शामिल, भारत सरकार ने जारी किया आदेश,5 साल के लिए निदेशक (कार्मिक) के...

नई दिल्ली।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड  के अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान निदेशक (एचआर) कृष्ण...

महर्षि गौतम भवन में जुटेगा समाज, 19 मार्च को होगा भव्य समारोह

भोपाल राजधानी के महर्षि गौतम भवन में आगामी 19 मार्च 2026 को एक भव्य और...

More like this

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर अब एनएमडीसी के बोर्ड में शामिल, भारत सरकार ने जारी किया आदेश,5 साल के लिए निदेशक (कार्मिक) के...

नई दिल्ली।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड  के अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान निदेशक (एचआर) कृष्ण...

पाकिस्तानी एयरफोर्स की काबुल में भीषण बमबारी, अस्पताल पर हमले में 400 की मौत; भारत ने बताया ‘जनसंहार’

नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहा तनाव अब एक भीषण...

के. अशोक बनें बीएचईएल त्रिची के कार्यपालक निदेशक (ओएसडी)

नई दिल्ली। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड  कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा प्रशासनिक कसावट लाने के लिये बेंगलुरू...