नई दिल्ली
देश में आए दिन ‘हिंदू राष्ट्र’ की चर्चा होने लगती है। जब ये बातें संत समाज की तरफ से की जाती हैं तो लोग भी भ्रमित हो जाते हैं। इन दिनों स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का एक बयान वायरल हो रही है। हिंदू राष्ट्र की मांग पर उन्होंने जो बात कही है, लोग उसे ‘वैचारिक प्रबुद्धता’ कहते हुए तारीफ कर रहे हैं। कई हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ट्विटर पर उनकी प्रशंसा की है।
करीब 4 मिनट के वायरल वीडियो में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कहते हैं कि समस्या क्या होती है कि हम लोगों के यहां राजनीति है…गोलबंदी ही राजनीति हो गई है। बीच में लाइन खींच दी जाती है, हमारी गोल में है या नहीं है, यही देखा जाता है। हमारी गोल में है तो बिल्कुल अच्छा है चाहे कैसा भी हो और अगर हमारी गोल में नहीं है तो बहुत खराब है चाहे कैसा भी हो। ये व्यवहार का तरीका हम लोगों ने बना रखा है।
स्वामी जी कहते हैं कि ऐसी परिस्थिति में जब देश में गोलबंदी ही राजनीति के रूप में विख्यात हो गई हो… राजनीति शब्द बहुत ऊंचा है, हमारे यहां नीति शब्द बहुत ऊंचा है। धर्म के समान है और राजनीति यानी राजा के द्वारा पालन की जाने वाली नीति।
उन्होंने कहा कि राजनीति शब्द जो हमारा है, जिसका प्रयोग रामायण और महाभारत में हुआ है। अगर वह राजनीति हो तो अलग बात है लेकिन आजकल तो वह राजनीति है नहीं। आज तो ध्रुवीकरण या गोलबंदी वाली राजनीति है। इस तरह की राजनीति में एक शब्द लाया जाता है- ‘हिंदू राष्ट्र’। हिंदू राष्ट्र का मतलब है हिंदुओं की गोलबंदी। अब हिंदू-हिंदू के नाम पर गोलबंदी होगी और ऐसा होगा तो स्वाभाविक है कि जो हिंदू नहीं होगा उसके साथ परायेपन का व्यवहार होगा।
