नई दिल्ली,
लोकसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले आए हैं. NDA सरकार बना रही है, लेकिन नंबर पिछली बार से काफी कम हैं. इस आंकड़े के गिरने में सबसे बड़ा योगदान UP से है. मौजूदा आंकड़े में जिस तरह से भाजपा उत्तर प्रदेश में गठबंधन से पिछड़ती हुई दिख रही है, उससे साफ है कि उत्तर प्रदेश का वोटिंग पैटर्न 2024 में बदला है. अभी तक के आंकड़ों की बात करें तो बीजेपी को 30 से अधिक सीटों का नुकसान होता दिख रहा है.
तो क्या सच हो जाएगी केजरीवाल की भविष्यवाणी?
जबकि कांग्रेस इस बार बड़ी बढ़त बनाती दिख रही है. इससे पहले साल 2009 के लोकसभा चुनाव में के बाद कांग्रेस फिर प्रदेश में बड़ी बढ़त बना रही है. समाजवादी पार्टी अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने की कगार पर है. आपको याद होगा कि लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान अरविंद केजरीवाल ने बड़ी भविष्यवाणी करते हुए योगी को हटाने की बात कही थी और अब यूपी में बदलते चुनावी परिणाम को उनकी भविष्यवाणी से जोड़कर देखा जा रहा है.
केजरीवाल ने किया था बड़ा दावा
केजरीवाल का दावा था कि लोकसभा चुनाव के बाद UP में सत्ता बदलेगी तो योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद से हटाए जाएंगे. हालांकि केजरीवाल के इस दावे पर खुद योगी आदित्यनाथ ने करारा जवाब दिया था. लेकिन जैसे चुनावी नतीजे हैं उससे केजरीवाल के बयानों को फिर बल मिल गया है.
कई सीटों पर बैकफुट पर भाजपा
महागठबंधन ने बड़ा झटका देते हुए उत्तर प्रदेश में शुरुआती रुझानों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को झटका दिया. कई लोकसभा सीटों पर पिछड़ती हुई भाजपा और उसके सहयोगी दल दिखे. उदाहरण के लिए सुभासपा को घोसी लोकसभा सीट पर झटका लगता दिख रहा है. भाजपा कई सीटों पर पिछड़ती दिख रही है. अभी तक के आंकड़े बता रहे हैं कि इंडिया गठबंधन प्रदेश की 80 में से 42 सीटों पर आगे चल रहा है, तो खबर लिखे जाने तक एनडीए सिर्फ 37 सीटों पर आगे है. यही वह वजह है जिसने फिर से अरविंद केजरीवाल को बयान को चर्चा में ला दिया है.
केजरीवाल ने क्या कहा था?
लखनऊ में इंडिया गठबंधन की पीसी में केजरीवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर बड़ा दावा किया था और कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली आए थे. उन्होंने मुझे गालियां दीं. योगी जी, मैं आपसे विनम्रता से कहना चाहता हूं कि आपके असली दुश्मन आपकी ही पार्टी में हैं. भाजपा में अपने दुश्मनों से लड़िए. आप केजरीवाल को गाली क्यों दे रहे हैं?
सपा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद से अब तक का यह शानदार प्रदर्शन है. पार्टी 35 सीटों पर बढ़त बनाती दिख रही है. इससे इंडिया गठबंधन की रणनीति बेहतर तरीके से जमीन पर उतरती दिखी. वहीं, भाजपा के पक्ष में माहौल बनता नहीं दिख पाया. ऐसे में भाजपा प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की रणनीति पर काम कर सकता है. इस पर चर्चा शुरू हो गई है.
