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‘आंख सेंकने’ वाले बयान पर घिरे लालू अकेले नहीं, बीजेपी-कांग्रेस सहित कई दिग्गज नेताओं के बिगड़े बोल आए हैं सामने

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नई दिल्ली

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के महिलाओं पर दिए गए एक बयान को लेकर घमासान थमता नहीं दिख रहा। बीजेपी और जेडीयू दोनों ने ही राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया पर निशाना साधा है। यही नहीं उन्हें राजनीति से संन्यास तक लेने की सलाह दे दी है। दरअसल, लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को नीतीश कुमार की ‘महिला संवाद’ यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह नैन सेंकने जा रहे हैं। इसके बाद वह सरकार बनाएंगे। इसी बयान को लेकर लालू यादव को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, सियासत में लालू पहले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी की है। कभी टंच माल तो कभी परकटी और कभी नाचने वाली। ऐसे और कई उदाहरण हैं जब नेताओं की ओर से महिलाओं के ऊपर टिप्पणी की गई। जब हंगामा मचा तो उन्होंने कुछ सफाई देकर बयान से किनारा कर लिया। ऐसे नेता किसी एक दल के नहीं अलग-अलग पार्टियों में रहे हैं, जिन्होंने अलग-अलग वक्त पर ऐसे कमेंट किए हैं। मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, नीतीश कुमार, दिग्विजय सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, सुब्रमण्यम स्वामी समेत कई नेताओं ने ऐसे बयान दिए जिस पर काफी हंगामा हुआ था।

महिलाओं के श्रृंगार पर कैलाश विजयवर्गीय का कमेंट
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने महिलाओं पर कमेंट करते हुए कहा था कि महिलाओं को ऐसा श्रृंगार करना चाहिए, जिससे श्रद्धा पैदा हो, न कि उत्तेजना। कभी कभी महिलाएं ऐसा श्रृंगार करती हैं, जिससे उत्तेजित हो जाते हैं लोग। बेहतर हैं कि महिलाएं लक्ष्मण रेखा में रहें। उन्होंने शशि थरूर को ‘महिलाओं का शौकीन’ भी बताया था।

‘अरे महिला हो, कुछ जानती नहीं हो’- नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 24 जुलाई 2024 को विधानसभा में अपना आपा खो बैठे। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की महिला विधायक रेखा देवी पर भड़कते हुए एक विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अरे महिला हो, कुछ जानती नहीं हो। इन लोगों (RJD) ने किसी महिला को आगे बढ़ाया था। क्या आपको पता है कि मेरे सत्ता संभालने के बाद ही बिहार में महिलाओं को उनका हक मिलना शुरू हुआ। 2005 के बाद हमने महिलाओं को आगे बढ़ाया है। बोल रही हो, फालतू बात… इसलिए कह रहे हैं, चुपचाप सुनो। उनके इतना कहते ही सदन में हंगामा और बढ़ गया। नीतीश कुमार के बयान को लेकर उनकी काफी आलोचना भी हुई थी।

‘टीवी पर ठुमके लगाती थीं’- संजय निरुपम
साल 2012 की बात है तब कांग्रेस में रहे संजय निरुपम ने बीजेपी नेता स्मृति ईरानी पर टीवी डिबेट के दौरान निजी हमले करने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा था कि ‘स्मृति आप मुझे मेरा अतीत याद दिला रही हैं, लेकिन आप क्या थीं? आप तो पैसों के लिए टीवी पर ठुमके लगाती थीं और आज राजनीतिक विश्लेषक बन गईं।’ यह बात भी साल 2012 की है जब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और कांग्रेस सांसद अभिजीत मुखर्जी ने एक ऐसा बयान दिया जिसपर हंगामा मच गया। निर्भया गैंगरेप के बाद पूरा देश गुस्से से उबल रहा था और अभिजीत यह कह बैठे कि ये तो फैशनेबल रंगी पुती महिलाओं को प्रदर्शन है। हंगामा बढ़ा तो उन्होंने माफी मांग ली।

दिलीप घोष ने ममता पर किया था विवादित कमेंट
लोकसभा चुनाव में बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा था कि दीदी गोवा जाती हैं और कहती हैं, ‘मैं गोवा की बेटी हूं’, फिर त्रिपुरा जाती हैं और कहती हैं, ‘मैं त्रिपुरा की बेटी हूं। तय करें कि आपका पिता कौन है। सिर्फ किसी की बेटी बनना अच्छा नहीं है।

लड़कों से गलती हो जाती है- मुलायम सिंह यादव
पूर्व रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता रहे मुलायम सिंह यादव ने साल 2014 में ये बयान दिया था, जिसकी काफी आलोचना हुई। बदायूं में दो बहनों के साथ गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया था। इसी पर मुरादाबाद में उन्होंने कहा कि लड़कियां पहले दोस्ती करती हैं इसके बाद लड़का-लड़की के बीच जब मतभेद हो जाता है तो इसे रेप का नाम दे देती हैं। इसके बाद बेचारे लड़के को फांसी की सजा सुना दी जाती है। बलात्कार के लिए फांसी की सजा अनुचित है। लड़कों से गलती हो जाती है। उनका यह बयान बलात्कार पीड़ितों के लिए असंवेदनशील माना गया था। इस बयान को लेकर लोगों में काफी गुस्सा भी देखा गया।

‘100 टका टंच माल हैं’- दिग्विजय सिंह
साल 2013 की बात है जब दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी की सांसद के लिए एक ऐसी टिप्पणी कर दी जिस पर काफी बवाल मचा। एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी मंदसौर की रैली में तत्कालीन सांसद मीनाक्षी नटराजन को लेकर कहा था कि मैं राजनीति का पुराना जौहरी हूं। मीनाक्षी जी का काम देख कर मैं यह कह सकता हूं कि वह 100 टका टंच माल हैं। इस बयान पर काफी विवाद हुआ था, तब दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मैंने कुछ गलत नहीं कहा। मैंने उन्हें 100 टका सोने का माल कहा था। मैंने उनकी तारीफ में ये बात कही थी।

‘क्या परकटी महिलाओं की एंट्री चाहते हैं?’- शरद यादव
12 मार्च 2015 को राज्यसभा की कार्यवाही चल रही थी। इसी दौरान सदन में शरद यादव ने एक ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर सियासी बवाल मच गया। उन्होंने दक्षिण भारतीय महिलाओं के रंग पर चर्चा की और कह दिया कि दक्षिण की महिलाएं सांवली होती हैं लेकिन वे अपने शरीर की तरह सुंदर होती हैं।

शरद यादव ने राजस्थान के अलवर में चुनाव प्रचार के दौरान वसुंधरा राजे को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी थी। उन्होंने कह दिया था कि राजे बहुत मोटी हो गई हैं और उन्हें आराम की जरूरत है। पहले पतली थी। इसी तरह महिला आरक्षण पर परकटी महिलाएं यानी छोटे बाल वाली महिलाओं को लेकर उनका बयान काफी सुर्खियों में रहा था। महिला आरक्षण का उस वक्त संसद में विरोध करते हुए शरद ने कह दिया था कि इस विधेयक के जरिए क्या आप परकटी महिलाओं की सदन में एंट्री कराना चाहते हैं।

 

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