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चीन सीमा पर हम नेताओं को ले चलो… ओवैसी ने की मांग, विपक्षी दलों के निशाने पर सरकार

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नई दिल्ली

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ हुई सैन्य झड़प पर हंगामा मचा हुआ है। विपक्ष की मांग पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान देकर देश को स्थिति से अवगत कराया। हालांकि, सरकार पर विपक्षी नेताओं के हमले कम नहीं हो रहे हैं। विरोध दलों के नेता केंद्र की मोदी सरकार पर चीन के सामने घुटने टेकने और देश की संप्रभुता की रक्षा में असलफ रहने का आरोप मढ़ रहे हैं। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के मुखिया और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को एलएसी पर उस जगह ले जाने की मांग की है जहां भारत और चीन की सेनाओं के बीच ताजा झड़प हुई है।

सरकार पर सवालों से बचने का आरोप, विपक्ष ने किया बहिष्कार
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन के मुद्दे पर संसद में बहस की अनुमति नहीं दिए जाने पर सरकार से नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार न तो सवालों के जवाब देना चाहती है और न ही इस पर चर्चा को ही तैयार है। ध्यान रहे कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद विपक्षी दलों ने लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। इस बीच बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बेहद सधी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पर पूरा भरोसा है कि वह हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखेगी।

ओवैसी बोले- सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को तवांग ले चलो
ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार चीन की अतिक्रमणकारी नीतियों पर पर्देदारी कर रही है। उन्होंने कहा, ‘देश के प्रधानमंत्री राजनीतिक नेतृत्व के मामले में नाकाम साबित हो रहे हैं। 9 तारीख को ये झड़प होती है और आप संसद में आज बताते हैं। अगर मीडिया इस पर बात नहीं करती तो फिर आप तो खामोश बैठ जाते। ये सब इनकी नाकामी है। उन्होंने सरकार से विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को एलएसी पर ले जाने की मांग की। ओवैसी बोले, ‘आप हम सभी को उस जगह पर लेकर जाइए। देश के प्रधानमंत्री चीन का नाम लेने से डरते हैं। व्यापार असंतुलन के बाद भी हमारी सेना मार खा रही है, चीन हमारी जमीन में घुसता है।’

इस विषय को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी भी खबरें हैं कि लेह क्षेत्र में चीन गांव बसा रहा है, सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। भारतीय सेना है तो हमें पूरा भरोसा है कि हमारी सीमा सुरक्षित रहेगी।
तेजस्वी यादव, उप-मुख्यमंत्री, बिहार

धामी ने दिया ओवैसी को जवाब
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओवैसी के बयान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल उठाने की आदत हो गई है। धामी ने कहा, ‘कुछ लोग देश की सेना की वीरता पर हमेशा सवाल उठाते रहे हैं। इन लोगों के लिए देश से ज्यादा अपनी राजनीति जरूरी है इसलिए मैं ऐसे लोगों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करूंगा।’

खरगे बोले- चर्चा से भाग रही है सरकार
उधर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि रक्षा मंत्री बयान पढ़कर चले गए। सरकार हमारे सवालों से बच रही है। उन्होंने कहा, राज्यसभा में सत्ता पक्ष के नेता पीयूष गोयल और सदन के उप-सभापति ने हमें स्पष्टीकरण मांगने का मौका दिए जाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वो हमें सुनने को तैयार ही नहीं हैं। रक्षा मंत्री ने आकर बयान दिया और चले गए। वो किसी तरह का स्पष्टीकरण या चर्चा के लिए तैयार नहीं थे।’

खरगे ने आगे कहा, ‘यह देश के लिए उचित नहीं है। आखिर वो हमें स्पष्टीकरण क्यों नहीं दे रहे हैं। सभी विपक्षी नेताओं ने सदन से वॉकआउट करने का निर्णय लिया है। हम अपने देश की एकता और अखंडता के लिए एकजुट हैं और अपने सैनिकों के साथ हैं।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से मिली फंडिंग और फाउंडेशन का एफसीआएर लाइसेंस कैंसल होने का इस मुद्दे से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम दोषी हैं तो हमें फांसी पर लटका दो।’

तवांग झड़प पर रक्षा मंत्री का संसद में बयान
ध्यान रहे कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तवांग के यांगत्से में चीनी और भारतीय सेना के बीच हुए संघर्ष को लेकर संसद के दोनों सदनों में बयान दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं हमारी भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर हैं। मुझे विश्वास है कि यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा।’

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