नई दिल्ली
राज्यसभा में आज मणिपुर वीडियो पर तुंरत चर्चा की मांग को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। कांग्रेस और टीएमसी सांसद डैरेक ओ ब्रायन ने नियम 267 का हवाला देते हुए सभी बिजनेस को सस्पेंड करते हुए तुरंत बहस कराने की मांग की। इसपर सभापति ओपी धनखड़ ने नियम और प्रक्रिया का हवाला देने लगे। इसे सुन टीएमसी सांसद ब्रायन भड़क गए और चिल्लाते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को मणिपुर वीडियो पर बोलना ही होगा। वह अब चुप नहीं रह सकते हैं।
पीएम मोदी को बोलना होगा, जब भड़के टीएमसी सांसद ब्रायन
टीएमसी के सांसद डैरेक ओ ब्रायन ने मणिपुर के मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने पेज नंबर 92 पर 267 नियम का हवाला देते हुए कहा कि इसके तहत किसी भी बिजनेस को सस्पेंड किया जा सकता है। इसका मतलब है कि सदन में कोई अन्य बिजनेस को नहीं किया जा सकता है। हम मणिपुर पर चर्चा करना चाहते हैं और पीएम को अपना मुंह खोलना होगा। कैसे कोई पीएम इस मुद्दे पर चुप रह सकता है।
सदन में चीखने लगे ब्रायन
ब्रायन ने चीखते हुए कहा कि सबसे पहले इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। कोई और रूल कहां से आ जाएगा। पीएम मोदी को अपना मुंह खोलना होगा। मणिपुर, मणिपुर, मणिपुर.. कैसे पीएम हैं वो। इसके बाद सदन में जोरदार शोर-शराबा होने लगा। धनखड़ ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कराना चाहती है और वह सदन के नेता से इस मुद्दे पर बात करेगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
धनखड़ और खरगे में हुई नोकझोंक
इससे पहले सदन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और धनखड़ के बीच भी नोकझोंक हो गई। खरगे ने कहा कि आप हमेशा प्रकिया और नियमों की बात करते हैं। इसपर धनखड़ ने कहा कि क्या इसमें कुछ गलत है? तब खरगे ने कहा कि नहीं-नहीं, फिर धनखड़ बोल उठे तो आप सॉरी क्यों कह रहे हैं। धनखड़ ने कहा कि सबको प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसपर खरगे बोल पड़े कि मैं प्रक्रिया का पालन करता हूं तभी अपनी अंगुली उठाई।
