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केरल नहीं इन दो राज्यों से कोरोना के नए वैरिएंट के सबसे अधिक मामले, सरकार अलर्ट

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नई दिल्ली:

भारत में कोराना का नया रूप JN.1 डरा रहा है। दिन बीतने के साथ इससे संक्रमित लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। जहां तीन दिन पहले इस नए वैरिएंट के कुल मामले 22 थे, अब बढ़कर 110 हो गए हैं। हैरत की बात यह है कि जेएन.1 का पहला केस दक्षिण राज्य केरल में आया था लेकिन वर्तमान में इसके मरीज गुजरात और कर्नाटक में सबसे ज्यादा हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के 27 दिसंबर यानी आज के डेटा के मुताबिक, जेएन1 के कुल 110 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा मामले इन्हीं दो राज्यों से आए हैं। इसे लेकर केंद्र सरकार भी अलर्ट हो गई है। दिल्ली में भी इस वैरिेंट का एक केस पॉजिटिव पाया गया है।

भारत में जेएन.1 के 110 केस, इन दो राज्यों में सबसे ज्यादा
भारत में आज की तारीख तक कोराना के इस नए रूप जेएन1 के 110 केस हो गए हैं। लेकिन केरल की जगह गुजरात और कर्नाटक में इसके केस सबसे ज्यादा हैं। दिल्ली में आज यानी 27 दिसंबर को पहला मरीज इस वैरिेएंट से संक्रमित मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 27 दिसंबर तक गुजरात में 36, कर्नाटक में 34 केस सामने आए हैं। इसके बाद गोवा, महाराष्ट्र, केरल और बाकी राज्यों का नंबर लगता है। नीचे देखिए किस राज्य में JN.1 के कितने मामले-

राज्य JN.1 के मामले
गुजरात 36
कर्नाटक 34
गोवा 14
महाराष्ट्र 9
केरल 6
राजस्थान 4
तमिलनाडु 4
तेलंगाना 2

भारत में आज आए कितने केस?
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोविड के 529 नए मामले सामने आए तथा एक्टिव मरीजों की संख्या 4,093 दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के संक्रमण से तीन लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोविड-19 से कर्नाटक में दो और गुजरात में एक मरीज की मौत हुई है। बता दें कि ठंड और कोरोना वायरस के नए उपस्वरूप के कारण हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों में तेजी आई है।

कितना टेंशन देने वाला है कोरोना का यह नया वैरिएंट?
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ) डॉ वी के पॉल ने पिछले सप्ताह कहा था कि नए उपस्वरूप पर करीब से नजर रखी जा रही है। साथ ही उन्होंने राज्यों से जांच में तेजी लाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया था। अधिकारियों ने कहा था कि भले ही मामलों की संख्या बढ़ रही है और देश में जेएन.1 उपस्वरूप के मामले सामने आए हैं लेकिन फिलहाल चिंता की जरूरत नहीं है। संक्रमण की चपेट में आए 92 प्रतिशत लोग घर पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं जिससे पता चलता है कि यह गंभीर नहीं है। WHO का भी कहना है कि जिन्होंने पहले ही वैक्सीन की दो या तीन खुराक ले ली है उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।

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