11.9 C
London
Tuesday, December 9, 2025
HomeभोपालMP: 11 साल नौकरी, 14 साल सजा... व्यापमं मामले में 10 साल...

MP: 11 साल नौकरी, 14 साल सजा… व्यापमं मामले में 10 साल पुरानी कॉपियां ढूंढकर कोर्ट ने आरक्षक पर ठोका जुर्माना

Published on

मुरैना

मध्य प्रदेश में व्यापम का भूत अक्सर सामने आता रहता है। इस बार मामला मुरैना जिले का है। दरअसल, मध्य प्रदेश पुलिस में तैनात आरक्षक को एसटीएफ कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि आरक्षक ने सॉल्वर के जरिए पुलिस की ये नौकरी हासिल की थी।मामले की शिकायत होने के बाद मामला एसटीएफ कोर्ट में चल रहा था, जिस पर संज्ञान लेते हुए एसटीएफ ने दो मामलों में 7-7 साल की सजा आरोपी आरक्षक को सुनाई गई है।

दूर के रिश्तेदारों ने ही की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार इंदौर के विजयनगर थाने में बतौर आरक्षक पदस्थ मुरैना के निवासी धर्मेंद्र शर्मा की शिकायत उनके ही दूर के रिश्तेदारों ने 2022 में एसटीएफ भोपाल के मुख्यालय पर की थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी ने अप्रैल 2013 व सितंबर 2013 में अपनी जगह सॉल्वर को बिठाकर परीक्षाएं दिलवाई थीं। अप्रैल की परीक्षा में वह असफल हो गया था। सितंबर में दी गई परीक्षा में उसका नाम लिस्ट में आ गया और वह आरक्षक की नौकरी पर पहुंच गया।

ये मिली सजा
बताया जा रहा है कि एसटीएफ की जांच के बाद एसटीएफ कोर्ट के जज नीति राज सिसोदिया ने चार माह की सुनवाई के बाद आरोपी धर्मेंद्र शर्मा को 7-7 साल की सजा दो मामलों में सुनाई है। साथ ही ₹20000 का जुर्माना भी लगाया है।

सॉल्वर की अब तक पहचान नहीं
बताया जा रहा है कि जब 2013 में धर्मेंद्र शर्मा की जगह सॉल्वर ने परीक्षा दी थी, तब उससे डील धर्मेंद्र शर्मा के ताऊ ने की थी। इसके बाद नौकरी लगने पर वह नौकरी करने लगा। लेकिन 2022 में हुई शिकायत के बाद जब जांच शुरू हुई तब तक धर्मेंद्र शर्मा के ताऊ की मृत्यु हो चुकी थी। यही वजह है कि इस मामले में सॉल्वर कौन था, इसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

10 साल पुरानी कॉपियां ढूंढ कर कार्रवाई
गौरतलब है कि केस की सुनवाई में इतना समय लगने के पीछे की वजह एसटीएफ द्वारा सॉल्वर के द्वारा लिखी गई कॉपियों की जांच करना था। लगभग 10 साल पहले लिखी गई कॉपियों को ढूंढना आसान काम नहीं था। वह भी उस स्थिति में जब 3 साल के भीतर पुराने रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया जाता हो। लेकिन गनीमत यह रही थी व्यापम घोटाले के चलते बीते कई सालों की कॉपियां आज भी सुरक्षित रखी गई थी। जिसकी वजह से सॉल्वर के द्वारा लिखी गई कॉपी को तलाशा गया और पाया गया कि आरोपी आरक्षक की लिखावट से मेल नहीं खाता है। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी आरक्षक को 7-7 साल की सजा दो मामलों में सुनाई है। साथ ही ₹20000 का जुर्माना भी लगाया है।

Latest articles

मुंबई में रेप के आरोप में पुलिसकर्मी गिरफ्तार

मुंबई।महाराष्ट्र के पालघर जिले में तैनात एक पुलिसकर्मी को एक महिला ने रेप के...

गुजरात के गिर-सोमनाथ में भूकंप के झटके

अहमदाबाद।गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में सोमवार सुबह 10:51 बजे भूकंप के हल्के झटके...

सड़क हादसों में वरिष्ठ नागरिक समेत दो लोगों की मौत

भोपाल।बीते 24 घंटों में राजधानी के विभिन्न इलाकों में हुए सड़क हादसों ने दो...

जितेंद्र सिंह बने एचएमएस के प्रदेश उपाध्यक्ष

भेल भोपाल ।पटेल नगर मैं मध्यप्रदेश राज्य एचएमएस का कार्यकारिणी का अधिवेशन संपन्न हुआ।...

More like this

सड़क हादसों में वरिष्ठ नागरिक समेत दो लोगों की मौत

भोपाल।बीते 24 घंटों में राजधानी के विभिन्न इलाकों में हुए सड़क हादसों ने दो...

भोपाल को जनवरी में मिलेगा चौथा रेलवे स्टेशन निशातपुरा

भोपाल ।भोपाल शहर को नए वर्ष में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है।...

10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री के सामने किया आत्मसमर्पण

भोपाल ।मध्यप्रदेश सरकार की शांत‍ि, विकास और आत्मसमर्पण-समर्पण नीति को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली...