नई दिल्ली,
दुनिया के कई प्राचीन स्थानों में खुदाई का काम जारी रहता है. जिसमें कई ऐसी चीजें मिल जाती हैं, जिनसे सैकड़ों हजारों साल पुराने राज खुल जाते हैं. कुछ ऐसा ही चीन में देखने को मिला है. यहां रेगिस्तान में रहस्यमयी ममीज मिली हैं. विशेषज्ञों को पता चल गया है कि इनकी उत्पत्ति कैसे हुई थी. हममें से अधिकांश लोगों तो आमतौर पर ममीज मिस्र से जुड़ी लगती हैं. हालांकि दुनिया के बाकी देशों में भी इससे जुड़ी चीजों के अवशेष पाए गए हैं. पेरू में ममीकृत ‘गैर-मानवीय’ अवशेषों की खोज से विशेषज्ञ हैरान रह गए, उसमें केवल तीन उंगलियां थीं.
इंडी वेबसाइट के अनुसार, चीन के शिंजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र के रेगिस्तान में सैकड़ों मानव ममीज की खोज ने विशेषज्ञों को कन्फ्यूजन में डाल दिया है. इनकी उत्पत्ति के बारे में पता करने के लिए विशेषज्ञों ने जेनेटिक डाटा का इस्तेमाल किया है. इसकी खोज तारिम बेसिन में सिल्क रोड से दूर हुई है. लेकिन ये दिखने में ऐसी हैं, जिसे देखकर लगता है कि यह इस क्षेत्र से जुड़ी नहीं हैं. 2,000 ईसा पूर्व से 200 ईस्वी के बीच की इन ममीज में ‘पश्चिम’ की विशेषताएं पाई गई हैं और इन्हें रंगीन ऊनी कपड़े पहनाए गए थे.
इन ममीज के साथ भेड़ और बकरी जैसे जानवर मिले हैं. कुछ के साथ गेहूं, जौ और चीज जैसे खाद्य उत्पाद भी मिले. ममीज को नाव के आकार के ताबूतों में दफनाया गया था, जो गाय की खाल से ढके हुए थे. नेचर जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने सबसे पहले ज्तारिम बेसिन ममीज में से 13 से एकत्र किए गए जेनेटिक डाटा का विश्लेषण किया है.
वे 2100 से 1700 ईसा पूर्व की हैं और इससे पता चला है कि ये लोग कहां से आए थे. नतीजों से पता चला कि ममीज प्राचीन उत्तरी यूरेशियन लोगों के वंशजों की हैं. जो शिकारियों का एक समूह था. ये उत्तरी यूरेशियन स्टेप और साइबेरिया में रहते थे. ये एक ऐसा समूह है, जो लगभग 10,000 साल पहले गायब हो गया थे.
