मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। इस हृदयविदारक हादसे में तीन मजदूरों (धीरज, सनी और सुमित) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हुए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मजदूरों के शवों के चीथड़े 20 से 25 फीट दूर जाकर गिरे और फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह ढह गईं। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर मालिक अनिल मालवीय को हिरासत में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंच से ठीक 15-20 मिनट पहले जब मजदूर दो केमिकल्स को मिलाकर बारूद तैयार कर रहे थे, तभी अनुपात बिगड़ने से ब्लास्ट हो गया। उस समय वहां करीब 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह अवैध फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी और मार्च 2026 में भी यहां धमाका हुआ था, लेकिन प्रशासन ने शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि कुल 28 लोग हताहत हुए हैं। 12 घायलों का इलाज देवास जिला अस्पताल और 6 का अमलतास अस्पताल में चल रहा है। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे 7 मरीजों को इंदौर रेफर किया गया है। इंदौर MY अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के मुताबिक, भर्ती मरीज 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी की फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के साथ एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वे उसका मुंह मीठा कराते दिख रहे हैं। इस पर सफाई देते हुए सांसद सोलंकी ने कहा कि अनिल मालवीय उनके परिचित और स्वजातीय हैं, लेकिन वे उनके कार्यकर्ता नहीं हैं। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के नि:शुल्क इलाज की घोषणा की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री के पास पटाखा बनाने और बेचने के दो लाइसेंस थे, जिन्हें हाल ही में 6 मई को रिन्यू कराया गया था। फिलहाल, प्रशासन चार चिह्नित नामों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
देवास: पटाखा फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 3 मजदूरों की मौत, शवों के उड़कर दूर जा गिरे टुकड़े
