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भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले बांग्लादेशी कट्टरपंथी के देश में आने पर रहस्य गहराया, सरकार की भूमिका पर सवाल

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नई दिल्ली:

बांग्लादेशी कट्टरपंथी नेता मुफ्ती महमूदुल हसन जुबैर उर्फ मुफ्ती जुबैर रहमानी 5 सितंबर को पश्चिम बंगाल के हरिदासपुर सीमा चौकी के रास्ते भारत में दाखिल हुए। रहमानी पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के प्रमुख से संबंध होने का संदेह है। भारतीय अधिकारी जांच कर रहे हैं कि वह भारत कैसे आये और यहां क्या गतिविधियां कर रहे हैं।

दिल्ली और देवबंद का किया दौरा
सूत्रों के अनुसार, रहमानी ने दिल्ली के इस्लामी संस्थानों और उत्तर प्रदेश के दारुल उलूम देवबंद का दौरा किया है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी प्रचार करता रहा है और भारत विरोधी तत्वों, उग्रवादियों और भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का समर्थन करता है। सूत्रों का यह भी आरोप है कि वह भारत से पूर्वोत्तर राज्यों को अलग करने की मांग का भी समर्थन करता है।

पिछले महीने बांग्लादेश ने कट्टरपंथी नेताओं को किया रिहा
पिछले महीने, बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने जमात-ए-इस्लामी के कथित दबाव में चरमपंथी नेताओं को हिरासत से मुक्त कर दिया था। जमात-ए-इस्लामी को पूर्ववर्ती शेख हसीना सरकार ने गैरकानूनी घोषित कर दिया था। जशीमुद्दीन रहमानी को काशीमपुर हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था।

पाक का साथ देने वालों को रिहा करने का दबाव
इससे पहले, अंतरिम सरकार के कार्यभार संभालने से पहले ही, जमात पर दो अन्य प्रमुख चेहरों ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल्लाहिल अमान अजमी और वकील अहमद बिन कासेम को रिहा करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया गया था। कथित तौर पर दोनों के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से करीबी संबंध हैं। अजमी जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख गुलाम आजम के बेटे हैं, जिन्होंने 1971 में पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर काम किया था। अजमी ने एक बार यह भी सवाल उठाया था कि क्या 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना पर नरसंहार का आरोप लगाया जा सकता है।

इस बीच, ऐसी खबरें हैं कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अगले सप्ताह अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में मोहम्मद यूनुस की भागीदारी पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य रूस ने इस आधार पर सवाल उठाया है कि बांग्लादेश के संविधान के तहत शासन की कोई कानूनी मान्यता नहीं है।

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