पटना
गंगा विलास क्रूज को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिन पहले उद्घाटन किया था। बता दें कि यह क्रूज के बिहार के छपरा में फंसने की खबर है। गौरतलब है कि गंगा विलास क्रूज वाराणसी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना किया गया था और 16 जनवरी की दोपहर में छपरा पहुंचा। हालांकि छपरा में क्रूज के फंसने की खबरों को क्रूज संचालक दल और जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है।
क्या है सच:
बता दें कि क्रूज के फंसने की खबर पर अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक छपरा में सीओ और व्यवस्था की देखरेख वाली टीम में शामिल सतेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सतेंद्र सिंह ने न्यूज एजेंसी से बताया कि किसी अप्रिय स्थिति पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए घाट पर एसडीआरएफ की टीम तैनात हैं। पानी कम होने की वजह से क्रूज को किनारे तक लाने में दिक्कत हुई, इसलिए क्रूज में सवार पर्यटकों को छोटी नावों के जरिए किनारे लाने का प्रयास किया गया।
सतेंद्र सिंह ने दावा किया कि स्थानीय पत्रकारों ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया। सिंह ने एएनआई को बताया, “स्थानीय पत्रकारों ने मुझे गलत बताया है, मैंने अभी कहा कि एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की नावें एहतियात के तौर पर मौके पर थीं। किसी भी तरह की कोई बाधा नहीं है।”
27 नदियों और कई राज्यों से होकर गुजरेगा क्रूज:
बता दें कि वाराणसी से रवाना हुआ गंगा विलास क्रूज 51 दिनों में 3,200 किमी की दूरी तय करेगा और डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। अपनी यात्रा समाप्त करने से पहले क्रूज 27 नदियों और कई राज्यों से होकर गुजरेगा। इस दौरान कई विश्व विरासत स्थल, राष्ट्रीय उद्यानों के साथ-साथ बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों की यात्रा होगी।
गंगा विलास क्रूज के फंसने पर संचालक दल में शामिल मुख्य जलीय सर्वेक्षक आरसी पांडेय ने बताया कि नदी में पानी कम होने का कारण क्रूज रुकी है। पांडेय ने यह भी कहा कि नदी के किनारे पर गाद होने के चलते क्रूज किनारे नहीं लग सकी। ऐसे में पर्यटकों को छोटी नाव से चिरांद तट पर पहुंचाया गया।
