7.6 C
London
Thursday, May 14, 2026
Homeराज्यअखिलेश भैया नहीं, छोटे नेताजी कहिए... मैनपुरी के चुनावी मैदान में भतीजे...

अखिलेश भैया नहीं, छोटे नेताजी कहिए… मैनपुरी के चुनावी मैदान में भतीजे पर उमड़ा चाचा शिवपाल का प्यार

Published on

मैनपुरी

मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव मुलायम परिवार के टूटे रिश्ते को जोड़ने की कड़ी बनता दिख रहा है। करीब एक दशक से मुलायम सिंह यादव परिवार में तनातनी की खबरें सुर्खियां बनती रही थी। अब एकजुटता की रिपोर्ट बन रही है। दरअसल, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा उप चुनाव हो रहा है। मैदान में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव एक साथ चुनावी प्रचार करते दिख रहे हैं। इनकी जुगलबंदी अभी प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई थी। पार्टी उम्मीदवार और मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव के लिए वोट मांग रहे हैं। इस दौरान शिवपाल यादव का अपने भतीजे अखिलेश यादव पर प्यार उमरा। उन्होंने अखिलेश यादव को अखिलेश भैया की जगह ‘छोटे नेताजी’ कह कर संबोधित किए जाने की बात कह दी। अब इस पर राजनीतिक चर्चा का दौर शुरू हो गया है।

मैनपुरी के चुनावी मैदान में उतरे शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव के साथ एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इटावा के ताखा तहसील क्षेत्र के भारतिया कोठी में उप चुनाव प्रचार के दौरान शिवपाल यादव और अखिलेश यादव एक साथ नजर आए। जसवंत नगर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के इस सम्मेलन में शिवपाल यादव का तेवर कुछ अलग ही नजर आया। अखिलेश यादव के सामने उन्होंने उन्हें छोटे नेताजी कहकर संबोधित किए जाने की बात कही। शिवपाल यादव लोकसभा चुनाव के मैदान में डिंपल यादव के लिए वोट मांगते नजर आ रहे हैं। पार्टी उम्मीदवार डिंपल यादव को भारी मतों से जीत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। जनसमर्थन जुटाने के साथ-साथ हुए अखिलेश यादव के पक्ष में भी माहौल बनाते दिख रहे हैं।

क्या मुलायम की विरासत पर छोड़ी दावेदारी?
देश की राजनीति में मुलायम सिंह यादव को नेताजी कह कर संबोधित किया जाता था। राजनीति में मुलायम सिंह यादव ने अपनी पहचान अपने मेहनत और राजनीतिक कौशल के दम पर बनाई थी। उनके निधन के बाद अब उनकी विरासत को अखिलेश यादव आगे बढ़ाते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में शिवपाल यादव का बयान काफी महत्वपूर्ण हो गया है। शिवपाल यादव इससे पहले तक नेताजी की विरासत पर अपना दावा जताते रहे थे। वह खुद को मुलायम सिंह यादव का उत्तराधिकारी घोषित करते दिखते थे। लेकिन, मुलायम के निधन के बाद से लगातार अखिलेश के प्रति उनका व्यवहार बदला हुआ दिख रहा है।

छोटे नेताजी के रूप में अखिलेश को संबोधित कर उन्होंने संकेतों में साफ कर दिया है कि मुलायम सिंह यादव की विरासत अब अखिलेश यादव ही संभालेंगे। उस पर शिवपाल यादव ने अपनी दावेदारी छोड़ दी है। मैनपुरी के मैदान में शिवपाल लगातार अखिलेश और परिवार को समर्थन देकर अपनी सपा में पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।

Latest articles

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल, सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सामूहिक विवाह समारोह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम भजनलाल शर्मा; दी बधाई

गुवाहाटी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था; हवन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ

गुवाहाटी/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने असम स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर...

केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिले सीएम भगवंत मान: पंजाब को मिला 400 करोड़ का फंड, कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी

नई दिल्ली/चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय...

More like this

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल, सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सामूहिक विवाह समारोह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन...

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम भजनलाल शर्मा; दी बधाई

गुवाहाटी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुवाहाटी प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मां कामाख्या के दरबार में टेका मत्था; हवन-पूजन कर प्रदेश की खुशहाली की मांगी दुआ

गुवाहाटी/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने असम स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर...