पुणे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों और यूपी-बिहार के लोगों को लेकर बड़ा बयान दिया है। अजित पवार ने शुक्रवार को नगर नियोजन की चुनौतियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि न केवल उत्तरी राज्यों के लोग बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठिये भी महाराष्ट्र के शहरों में आ रहे हैं। पवार ने शहरी विकास एवं शहर नियोजन विभाग की ओर से आयोजित एक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिंपरी चिंचवड़ क्षेत्र सहित पुणे की जनसंख्या 2054 तक दो करोड़ तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट के मुद्दे लगातार चुनौती भरे होते जा रहे हैं।
बड़ी आबादी के लिए पर्याप्त पानी कहां से लाएंगे?
अजित पवार ने कहा कि हमें गतिशीलता में सुधार करने की आवश्यकता है। अनुमान है कि 2054 तक पिंपरी-चिंचवड़ सहित पुणे की जनसंख्या लगभग दो करोड़ तक पहुंच जाएगी और हमारे प्रयास अपर्याप्त हैं। अगर जनसंख्या दो करोड़ तक पहुंच जाएगी तो हम इतनी बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पानी कहां से लाएंगे? उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मुलशी में टाटा बिजली परियोजना की ओर से उपयोग किए जाने वाले बांध के पानी को पुणे की जरूरतों को पूरा करने के लिए शहरी क्षेत्रों में मोड़ा जाना चाहिए।
हमें अदालतों का रुख करना होगा
उन्होंने कहा कि हमें अदालतों का रुख करना होगा ताकि बिजली उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले बांध के पानी को सार्वजनिक उपयोग के लिए आवंटित किया जाए। पवार ने कहा कि लोग शहरों की ओर पलायन करते हैं क्योंकि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में अवसर नहीं मिलते। जैसे-जैसे पलायन बढ़ता है, शहरों में भीड़भाड़ बढ़ती जाती है, जिससे झुग्गी-झोपड़ियां बढ़ती जाती हैं। सरकार अच्छे इरादों के साथ झुग्गी पुनर्वास योजनाओं को लागू करती है।
झुग्गी वालों को घर दो तो वे यूपी से रिश्तेदार बुला लेते हैं
उन्होंने कहा कि हालांकि जब झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को इन योजनाओं के तहत उचित आवास मिल जाता है, तो वे उत्तर प्रदेश में अपने रिश्तेदारों को सूचित करते हैं, जो फिर यहां आकर बस जाते हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग ही नहीं, बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठिये भी महाराष्ट्र के शहरों में आते हैं।
