नई दिल्ली
हाल में बीजेपी ने कंगना रनौत ने किसानों को लेकर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद पार्टी ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया था। भाजपा ने कंगना रनौत के बयान पर असहमति जताते हुए एक प्रेस रिलीज जारी की थी। जिसके बाद आज उन्होंने पार्टी के उनके बयान से दूरी बनाने पर चुप्पी तोड़ी है। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू में कहा कि मैं पार्टी से सहमत हूं। मैं पार्टी की प्रवक्ता नहीं हूं। ये उनकी पॉलिसी है। मैं पार्टी पर विश्वास करती हूं। मैं इस पार्टी की सिपाही हूं और मेरे लिए पार्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है। उन्होंने आगे कहा अब वह पार्टी के सोच के अनुसार चलेंगी और भविष्य में अपने शब्दों के चयन को लेकर अधिक सावधान रहेंगी लेकिन उन्होंने इस इंटरव्यू के दौरान माफ़ी नहीं मांगी ।
बीजेपी ने दिया था अल्टीमेटम
भाजपा के केंद्रीय मीडिया विभाग की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पार्टी ने मंडी की सांसद को हिदायत भी दी कि वह इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें। हालांकि बीजेपी के किनारा करने के बाद भी कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा को इस मामले पर खूब घेरा था।
कंगना रनौत ने क्या कहा था?
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने एक साक्षात्कार में दावा किया था कि ‘किसानों के विरोध के दौरान भारत में बांग्लादेश जैसी अराजकता हो सकती थी। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध के नाम पर भारत में भी बांग्लादेश जैसी अराजकता हो सकती थी। बाहरी ताकतें अंदरूनी लोगों की मदद से हमें बर्बाद करने की योजना बना रही हैं। अगर हमारे नेतृत्व की दूरदर्शिता नहीं होती तो वे सफल हो जाते।
उन्होंने आगे कहा कि 2020 के किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेश में जो हुआ, वह यहां होते हुए भी देर नहीं लगती, अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व सशक्त नहीं होते। यहां जब किसान प्रदर्शन हुए, वहां लाशें लटकी थीं, वहां रेप हुए। पूरा देश चौंक गया। वो किसान आज भी वहां हैं, लौटे नहीं। उन्होंने वापस जाने का कभी सोचा ही नहीं। वे लंबी प्लानिंग से आए जैसी बांग्लादेश में हुई।
