15.4 C
London
Thursday, March 19, 2026
Homeराज्यजिस हाईवे पर साइरस मिस्त्री की हुई मौत, वहां इस साल 62...

जिस हाईवे पर साइरस मिस्त्री की हुई मौत, वहां इस साल 62 लोगों की गई जान

Published on

मुंबई

टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री की महाराष्ट्र के पालघर जिले में इस महीने में कार हादसे में मौत हो जाने की खबर ने देशवासियों को सकते में डाल दिया। आधिकारिक आंकड़े दर्शाते हैं कि हाईवे के इस हिस्से पर सड़क दुर्घटनाएं काफी आम हैं। ठाणे के घोड़बंदर और पालघर जिले के दपचारी के बीच मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग के 100 किलोमीटर के हिस्से में इस साल 262 दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 62 लोगों की मौत हुई है और 192 लोग घायल हुए हैं।

इनमें से कई हादसे अत्यधिक तेज गति में वाहन चलाने या चालक की ओर से अंदाजा लगाने में चूक होने के कारण हुए। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों का खराब रख-रखाव, उचित संकेतकों की कमी और गति पर अंकुश लगाने के उपायों का अभाव समेत अन्य कारण भी कई दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।

25 गंभीर हादसों में 26 लोगों की मौत
महाराष्ट्र राजमार्ग के पुलिस अधिकारी ने बताया कि चरोटी के निकट हाईवे के जिस हिस्से पर मिस्त्री की कार 4 सितंबर को दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, उस पर इस साल की शुरुआत से अब तक 25 गंभीर हादसों में 26 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि चिन्चोती के पास वाले हिस्से में इसी अवधि में 35 गंभीर हादसों में 25 लोगों की मौत हो चुकी है और मानोर के निकट 10 हादसों में 11 लोगों की जान गई है। हादसों के मामले में चिरोती और मुंबई की तरफ करीब 500 मीटर का हिस्सा काफी खतरनाक है।

अधिकारी ने बताया कि मुंबई की ओर जाते समय सड़क सूर्य नदी के पुल से पहले मुड़ती है और तीन लेन का मार्ग दो लेन में तब्दील हो जाता है, लेकिन वाहन चालकों को इस बारे में पहले से सूचित करने के लिए सड़क पर उपयुक्त संकेतक नहीं हैं। पालघर में सूर्य नदी पर बने एक पुल के डिवाइडर से कार टकराने के बाद मिस्त्री (54) और उनके मित्र जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी। कार चला रहीं अनाहिता पंडोले (55) और उनके पति डेरियस (60) गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों की हुई अनदेखी?
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि भारतीय सड़क कांग्रेस के सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों की उन लोगों ने अनदेखी की, जो सड़क के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि यह सड़क भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दायरे में आती है, लेकिन टोल वसूलने वाली निजी एजेंसी के पास रखरखाव की जिम्मेदारी है।

अधिकारी के मुताबिक, दिशा-निर्देशों के तहत हर 30 किलोमीटर पर एक एम्बुलेंस को तैयार रखा जाना चाहिए और एक क्रेन व गश्त करने वाले वाहन भी होने चाहिए। महाराष्ट्र पुलिस ने 4 सितंबर को हुए हादसे के मद्देनजर लागू किए जा सकने वाले सुरक्षा उपायों को लेकर विशेषज्ञों की राय मांगी है। इसके लिए सरकार ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान को पत्र लिखकर सड़क सुरक्षा संबंधी लेखा परीक्षा कराने को कहा है।

 

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी नव संवत्सर और राजस्थान दिवस की शुभकामनाएं; प्रदेशभर में उत्साह का माहौल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर, चैत्र नवरात्र स्थापना (19 मार्च) और...

नव संवत्सर प्रकृति के नवसृजन का उत्सव; युवा पीढ़ी को ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का बोध कराना जरूरी: राज्यमंत्री श्रीमती गौर — प्रकृति के साथ संतुलन...

भोपाल राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत...

एडीजी को घर के बाहर अज्ञात बदमाशों ने दी धमकी, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के साथ उनके त्रिलंगा स्थित निवास पर...

इंदौर में बड़ा हादसा: 15 सिलेंडरों के धमाके और जाम हुए डिजिटल लॉक ने ली 8 जानें

इंदौर इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के हुए इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात, राजस्थान में अक्षय ऊर्जा के विस्तार पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...