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Tuesday, May 5, 2026
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देश में धूल से होने वाले प्रदूषण में सिर्फ 5 राज्यों की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी, IIT की स्टडी में हुआ खुलासा

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नई दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण किसी से छिपा नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के किस शहर में सबसे ज्यादा धूल होती है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है? ये शहर दिल्ली नहीं बल्कि गुजरात का अहमदाबाद है। ये बात IIT दिल्ली और IIT कानपुर के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक स्टडी में सामने आई है। इस स्टडी के अनुसार भारत के पांच राज्य देश के कुल धूल उत्सर्जन का 60% योगदान करते हैं । ये राज्य हैं राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात।

अहमदाबाद में बढ़ रहे सांस के मरीज!
अहमदाबाद स्थित एक पल्मोनोलॉजिस्ट और चेस्ट फिजिशियन के क्लिनिक में शुक्रवार को 10 में से पांच मरीजों को धूल के कारण सांस लेने में जलन की वजह से डॉक्टर को दिखाना पड़ा। डॉ. गोपाल रावल ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि कुछ लोग निर्माण साइटों से निकलने वाली धूल की वजह से बीमार हुए थे। वहीं कुछ लोग सड़कों के आसपास रह रहे थे, जहां भारी मात्रा में ट्रैफिक की वजह से धूल निकलती है। डॉ. रावल ने बताया की धूल से होने वाली जलन का शुरुआती लक्षण क्रोनिक ब्रोंकाइटिस है जहां रोगी को सूखी खांसी की शिकायत होती है, जो किसी संक्रमण की वजह से नहीं होती।

अहमदाबाद धूल के मामले में अकेला शहर नहीं
धूल की परेशानी से जूझने वाले अहमदाबाद अकेला शहर नहीं है। IIT दिल्ली और कानपुर के शोधकर्ताओं की स्टडी से संकेत मिलता है कि पांच राज्यों में पार्टिकुलेट मीटर (PM) 10 और 2.5 दोनों के संदर्भ में देश के कुल धूल उत्सर्जन का 60 फीसदी योगदान है। इस स्टडी ने 2022 के लिए सड़क की धूल से PM उत्सर्जन की डिटेल लिस्ट बनाई है। शोधकर्ताओं ने जानकारी इकट्ठा करने के लिए देश भर के 1,352 RTO से वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा का एनालिसिस किया।

पांच राज्यों में सबसे ज्यादा धूल
इस स्टडी में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्य सड़क धूल उत्सर्जन में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरे। स्टडी में कहा गया है कि ये राज्य न केवल ऊंचे गाद लोडिंग (एसएल) मूल्यों को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि भारत में कुल रजिस्टर्ड वाहनों का एक बड़ा हिस्सा (43%) भी रखते हैं। ये स्टडी एल्सेवियर जर्नल साइंस ऑफ द टोटल एनवायरनमेंट में “भारत के लिए फ्यूजिटिव रोड डस्ट पार्टिकुलेट मैटर एमिशन इन्वेंट्री: 32 भारतीय शहरों में एक फील्ड अभियान” नामक शोध में पब्लिश हुई है। इसके लेखकों में अर्पित कटियार, दिलजीत कुमार नायक, पवन कुमार नागर, धीरेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा और श्रीहरसा कोटा शामिल हैं।

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