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पहलगाम आतंकी हमला : अय्यर से लेकर सिद्धारमैया तक, कांग्रेस नेताओ के वो बयां जिन्हे बताया जा रहा विवादित

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पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर पूरे देश में आतंकियों और पाकिस्तान को लेकर नाराजगी है। लोग गुस्से में हैं। पाकिस्तान और आतंकियों को जमकर खरीखोटी सुना रहे हैं। आतंकियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की चौतरफा मांग हो रही है। इसी बीच कुछ नेता ऐसे बयान दे रहे हैं जो लोगों को गुस्से को बढ़ा रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस के सीनियर नेता मणिशंकर अय्यर तक ने ऐसे ही बेतुके बयान दिए हैं।

सिद्धारमैया ने क्या कहा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 26 अप्रैल को मंगलुरु में पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ युद्ध की कोई आवश्यकता नहीं है। कड़े सुरक्षा उपाय शुरू किए जाने चाहिए। हम युद्ध के पक्ष में नहीं हैं। शांति होनी चाहिए, लोगों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार को प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।’हालांकि, उनके इस बयान पर विवाद बढ़ने और पाकिस्तानी मीडिया द्वारा इसे उछाले जाने के बाद सिद्धारमैया ने 27 अप्रैल को स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि हमें पाकिस्तान के साथ युद्ध नहीं करना चाहिए। मैंने सिर्फ इतना कहा कि युद्ध समाधान नहीं है। पर्यटकों को सुरक्षा दी जानी चाहिए थी। यह किसकी जिम्मेदारी है? मैंने कहा कि खुफिया जानकारी में विफलता रही है। यदि युद्ध अपरिहार्य है, तो हमें युद्ध करना चाहिए।’

मणिशंकर अय्यर का बेतुका बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पहलगाम हमले को लेकर कहा कि उस समय भी देश के सामने प्रश्न था और आज भी वही प्रश्न है, वह यह है कि क्या भारत में मुसलमान खुद को स्वीकार्य, स्नेह प्राप्त और सम्मानित महसूस करते हैं? उन्होंने कहा कि कई लोगों ने लगभग विभाजन को रोक दिया था, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गांधीजी, पंडित नेहरू, जिन्ना और जिन्ना से असहमत कई अन्य मुसलमानों के बीच भारत की राष्ट्रीयता और इसकी सभ्यतागत विरासत की प्रकृति की मूल्य प्रणालियों और आकलन में मतभेद थे। लेकिन सच्चाई यह है कि विभाजन हुआ और आज तक हम उस बंटवारे के परिणामों के साथ जी रहे हैं। क्या हमें इसी तरह जीना चाहिए? क्या बंटवारे के अनसुलझे सवाल ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुई भयानक त्रासदी के रूप में सामने आए। उन्होंने कहा कि आज के भारत में क्या मुसलमान यह महसूस करता है कि उसे स्वीकार किया जा रहा है? क्या मुसलमान यह महसूस करता है कि उसे स्नेह दिया जा रहा है? क्या मुसलमान यह महसूस करता है कि उसे सम्मानित किया जा रहा है? मैं अपने सवालों का जवाब क्यों दूं? किसी भी मुसलमान से पूछिए और आपको जवाब मिल जाएगा।

विजय वडेट्टीवार का विवादित बयान
महाराष्ट्र के कांग्रेस MLA विजय वडेट्टीवार ने एक बयान देकर विवाद खड़ा किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। वे (सरकार) कह रहे हैं कि आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें मारा। क्या आतंकियों के पास इतना समय है? कुछ लोग कहते हैं कि ऐसा नहीं हुआ। आतंकियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें पकड़ो और कार्रवाई करो, यही देश की भावना है।

कर्नाटक के मंत्री ने भी खड़े किए सवाल
कर्नाटक के आबकारी मंत्री आरबी तिम्मापुर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को गोली मारने वाले आतंकवादियों ने पीड़ितों से उनका धर्म पूछा होगा। मंत्री तिम्मापुर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनकी राय में आतंकवादियों ने पर्यटकों को गोली मारते समय उनसे उनका धर्म नहीं पूछा होगा। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में तर्क दिया एक आतंकवादी जो गोली मार रहा है वह कैसे धर्म या जाति पूछ सकता है? वह बस लोगों को मारेगा और चला जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि किसी को व्यावहारिक रूप से सोचना होगा। आतंकवादी वहां खड़े होकर, पीड़ित के धर्म पर सवाल नहीं कर सकते और फिर गोली नहीं मार सकते। पूरी घटना को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादियों ने धर्म के बारे में पूछा भी है, तो इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और इसे सांप्रदायिक मोड़ देने की कोई आवश्यकता नहीं है।

असम के विधायक अरेस्ट
असम के विधायक अमिनुल इस्लाम पहलगाम हमले को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होनें कहा कि हमले के पीछे पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का हाथ है। 23 अप्रैल को एक राजनीतिक रैली में बोलते हुए इस्लाम ने कहा कि पुलवामा हमले और पहलगाम की घटना के बीच संबंध है। जिस दिन पुलवामा हमले में 42 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे मैंने कहा कि यह एक साजिश थी। सरकार ने 2019 लोकसभा चुनाव जीतने की साजिश रची। आज तक हमें नहीं पता कि 300 किलो आरडीएक्स ले जाने वाला वाहन हाई सिक्यॉरिटी वाले इलाके में सीआरपीएफ के काफिले में कैसे घुसा। उन्होंने कहा कि अब पहलगाम हमले को लेकर बीजेपी कह रही है कि आतंकवादियों ने हिंदुओं पर गोली चलाई और मुसलमानों को छोड़ दिया। हमें संदेह है कि यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रची गई साजिश के कारण हुआ है।

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