इस्लामाबाद
पाकिस्तान एक ऐसा काम करने जा रहा है जिसके बारे में जानकर हर भारतीय खुश होगा। पाकिस्तान में 22 वर्षों से रह रही भारतीय नागरिक हमीदा बानो को वापस भेजने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दो दशक पहले मानव तस्करी का शिकार हुई हमीदा बानों की कहानी बहुत मार्मिक है। तस्करों ने उन्हें दुबई में नौकरी का झांसा दिलाने का वादा किया था, लेकिन इसके बदले उन्हें पाकिस्तान भेज दिया गया। 22 वर्षों से हमीदा बानो दिन-रात अपने वतन वापस लौटने की दुआएं मांग रही थीं। सोमवार 16 दिसम्बर को वाघा बॉर्डर के जरिए उनकी भारत वापसी होगी।
एजेंट ने झांसा देकर पहुंचाया पाकिस्तान
साल 2022 में मुंबई में रह रहे हमीदा बानो के बच्चों को सोशल मीडिया के जरिए उनके पाकिस्तान में होने का पता चला था। साल 2022 में पाकिस्तान के न्यूज चैनल आज न्यूज से बात करते हुए हमीदा बानो ने बताया था कि साल 2002 में एक एजेंट ने उन्हें दुबई में कुक की नौकरी दिलाने का वादा किया था, लेकिन झांसा देकर उन्हें पाकिस्तान पहुंचा दिया गया। उन्होंने बताया कि एजेंट ने उन्हें एयरपोर्ट पर अकेले आने को कहा था।
पाकिस्तान में हुआ निकाह
हमादी बानो के पास पाकिस्तान पहुंचने के लिए वैध कागजात नहीं थे, जिसके डर से उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से मदद नहीं मांगी। कुछ साल के बाद कराची के शख्स ने उनसे निकाह कर लिया और वे उसके साथ रहने लगीं। इसके बाद भी उन्होंने अपने वतन भारत की वापसी का आस नहीं छोड़ी। दो साल पहले साल 2022 में सोशल मीडिया के जरिए उनकी बात मुंबई रह रहे अपने बच्चों से हुई।
बच्चों से मिलने का करती थीं इंतजार
पाकिस्तान में अपने दिन को याद करते हुए हमीदा बानो ने कहा था कि इन सालों में उन्होंने खुशी से कभी ईद नहीं बनाई। वो कोने में बैठकर रोती रहती थीं। हमीदा ने पाकिस्तान की सरकार से गुजारिश की थी कि वह उन्हें भारत जाने की मंजूरी दे ताकि वह अपना आखिरी वक्त उनके साथ गुजार सकें। पाकिस्तान में हमीदा बानो के कोई बच्चे नहीं हैं। कोरोना महामारी के दौरान उनके पति की भी मौत हो गई थी।
