नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के निर्णय के खिलाफ अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच छात्रों ने आयोग के बाहर लगे बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए उसके ऑफिस की ओर चल पड़े हैं। मौके पर मौजूद भारी सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि छात्रों का इस पर कहना है कि हम सभी छात्र आयोग के अध्यक्ष से बात करने के लिए ऑफिस जा रहे हैं। पिछले दिन से चल रहे आंदोलन के बाद छात्रों ने आक्रामक रूख अपनाया है।
11 नवंबर से UPPSC आयोग के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन आज आक्रामक हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि गुरुवार सुबह पुलिस वालों ने आंदोलन कर रहे कुछ अभ्यर्थियों का हिरासत में ले लिए। जिसके बाद मौके पर मौजूद छात्र आक्रोशित हो गए और आयोग के बाहर लगे पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए आयोग के मुख्य गेट पर पहुंच गए। हालांकि फिर पुलिस ने छात्रों को रोक लिया।
पिछले तीन दिन से आयोग के बाहर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग हैं कि दिसंबर में आयोजित होने वाली पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा और आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा को दो दिन के बजाय एक ही दिन कराई जाए। इसके साथ ही छात्रों की मांग है कि इस परीक्षा से नॉर्मलाइजेशन को भी समाप्त कर दिया जाए।
इस पूरे मामले पर आयोग का कहना है कि हम परीक्षा को साफ और स्वच्छ कराना चाहते हैं। इस वजह से परीक्षा को दो दिनों में कराई जा रही है। इसके साथ ही आयोग का कहना है कि वो छात्रों की हित के लिए परीक्षा बाद नॉर्मलाइजेशन किया जाना है। जो पूरी तरह से छात्रों के हक में है।
