12.4 C
London
Monday, April 13, 2026
Homeराष्ट्रीय'मेरे कंधे पर बंदूक रखकर...', सरकार और न्‍यायापालिका की रार पर पूर्व...

‘मेरे कंधे पर बंदूक रखकर…’, सरकार और न्‍यायापालिका की रार पर पूर्व जज बोले- ऐसी तू-तू मैं-मैं शोभा नहीं देती

Published on

नई दिल्‍ली

दिल्‍ली हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज आरएस सोढ़ी ने सरकार और न्‍यायापालिका के रार पर फिर बोला है। उन्‍होंने केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजीजू को सलाह दी है कि वह उनके कंधों पर बंदूक रखकर नहीं चलाएं। कलीजियम के जरिये जजों की नियुक्ति के मामले पर सोढ़ी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान को हाईजैक कर लिया है। उनके इस बयान का हवाला दिया जा रहा है। केंद्रीय कानून मंत्री ने आरएस सोढ़ी के इस बयान को शेयर किया था। इसी के बाद रिटायर्ड जज ने नसीहत दी है। वह यह भी बोले हैं कि सरकार और न्‍यायपालिका के बीच ऐसी तू-तू मैं-मैं शोभा नहीं देती है।

आरएस सोढ़ी ने केंद्रीय कानून मंत्री को धन्‍यवाद किया कि उन्‍होंने इस मुद्दे को उठाया। उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए सेक्रेटेरियट की जरूरत बताई है। न्‍यूज चैनल एनडीटीवी से बात करते हुए सोढ़ी बोले- ‘मैं कानून मंत्री को धन्‍यवाद देता हूं कि उन्‍होंने इस मुद्दे को उठाया। लेकिन, मैं राजनीतिक व्‍यक्ति नहीं हूं। मेरे कंधे पर बंदूक रखकर नहीं चलानी चाहिए। यह मेरी निजी राय है कि कलीजियम सिस्‍टम असंवैधानिक है। हाईकोर्ट और सुप्रीम में एक सचिवालय होना चाहिए। ‘

पूर्व जज ने दी नसीहत
सोढ़ी बोले, ‘यह कैसे मुमकिन है कि कुछ जज मिलकर जजों की नियुक्ति करें? दो या तीन जज एक साथ कैसे फैसला ले सकते हैं? कॉलेजियम सिस्‍टम नाकाम है।’ यह और बात है कि उन्होंने जजों की नियुक्ति के मामले में संवैधानिक निकायों को सार्वजनिक आलोचना से बचने की नसीहत दी है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने इसके पहले कलीजियम विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस आरएस सोढ़ी के बयान को शेयर किया था। उन्‍होंने लिखा था कि यही सबसे समझदारी वाला नजरिया है।

क्‍या बोले थे आरएस सोढ़ी
न्‍यायापालिका, कार्यपालिका और विधायिका को लेकर जारी बहस के बीच सोढ़ी ने कहा था कि कानून बनाने में संसद सर्वोच्‍च है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट कानून को परख सकता है। सरकार के बजाय खुद जजों की नियुक्ति करने का मतलब यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने संविधान को हाईजैक किया है। जस्टिस सोढ़ी के इंटरव्‍यू की क्लिप पोस्‍ट करते हुए किरेन रिजीजू ने लिखा था कि ज्‍यादातर लोगों का यही नजरिया है। ये सिर्फ वो लोग हैं जो संविधान के प्रावधान का असम्‍मान करते हैं जिन्‍हें लगता है कि वो संविधान से ऊपर हैं।

Latest articles

बेटियों और बहनों के विकास से ही होगा समग्र विकास संभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित किए 1836...

गोविंदपुरा औद्योगिक इकाई पर कार्रवाई की तैयारी, जवाब नहीं देने पर होगा कड़ा कदम

भोपाल। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र भोपाल द्वारा एक औद्योगिक इकाई के खिलाफ गंभीर...

देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी : रामनाथन

बीएचईएल द्वारा आईपी आउटर केसिंग की आपूर्ति तथा ईओटी क्रेन का लोकार्पण हरिद्वार। बीएचईएल हरिद्वार...

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध : केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह

किसानों के श्रम से देश का खाद्यान्न निर्यात हुआ दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों...

More like this

एचपीसीएल में ‘निदेशक विपणन’ के लिए आवेदन आमंत्रित, महारत्न कंपनी में उच्च स्तरीय नेतृत्व का अवसर

मुंबई/भोपाल। ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड...

केरलम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर को पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। केरलम के मलप्पुरम जिले के वांडूर इलाके में शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद...

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...