जयपुर
देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्पणी को लेकर राजस्थान की राजनीति में उबाल आ गया है। मंत्री अविनाश गहलोत की ओर से इंदिरा गांधी को कांग्रेस की दादी कह दिया गया। इसके बाद कांग्रेस भड़क गई। सदन के अंदर और बाहर विरोध होने लगा। सदन में विपक्ष के सदस्यों ने भारी हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। दोपहर को शुरू हुआ हंगामा देर रात तक चलता रहा। शाम के समय विपक्ष के सदस्यों के साथ वार्ता हुई लेकिन बात नहीं बनी। ऐसे में गुरुवार की रात सदन में ही बिताई गई।
सदन में बिछा दिए गए रजाई गद्दे
इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस मंत्री ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, वे माफी मांगे। उधर सत्ता पक्ष के सदस्य इस बात पर अड़ गए कि दादी शब्द असंसदीय नहीं है। यह तो सम्मानजनक शब्द है। ऐसे में माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। वार्ता में सहमति नहीं बनी तो कांग्रेसी सदस्यों ने सदन में ही रजाई, गद्दे और तकिए मंगा लिए। सदन की वैल में बिछोना लगाया और रात को वहीं सो गए।
दोनों पक्ष अड़े हैं अपनी अपनी बात पर
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी अपनी बात पर अड़े हुए हैं। विपक्ष माफी मांगने की बात पर अड़ा है जबकि सत्ता पक्ष माफी मांगने को तैयार नहीं है। कांग्रेसी विधायकों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री के लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया गया। उधर सत्ता पक्ष के विधायकों का कहना है कि दादी शब्द असंसदीय है ही नहीं। जब महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा जाता है तो इंदिरा गांधी को दादी कह देना अपमान कैसे हुआ।
कल तक सदन की छुट्टी
शनिवार होने के चलते आज 22 फरवरी को और कल 23 फरवरी को रविवार होने के कारण सदन की कार्रवाई नहीं चलेगी। कार्रवाई 23 फरवरी सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू होनी है। ऐसे में कांग्रेस के विधायक अब दो दिन तक लगातार धरने पर बैठे रहने की बात कह रहे हैं। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष चाहते हैं कि सदन में चल रहा गतिरोध समाप्त हो। ऐसे में छुट्टी होने के बावजूद शनिवार को स्पीकर वासुदेव देवनानी विधानसभा पहुंचेंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों को वार्ता के लिए बुलाया जाएगा। स्पीकर की कोशिश है कि सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले गतिरोध खत्म हो।
