नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई है. राहुल गांधी ने दरअसल पीएम मोदी को ‘जेबकतरा’ कहा था. अब उनकी इसी टिप्पणी पर हाईकोर्ट ने कहा है कि राहुल का बयान ठीक नहीं था.
इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले पर उचित फैसला लेने के लिए चुनाव आयोग को आठ हफ्ते का समय दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने इस तरह के बयानों को लेकर नियम और सख्त करने के भी निर्देश दिए हैं. दिल्ली हाईकोर्ट ने इसी मामले पर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की.
क्या है मामला?
राहुल गांधी ने 21 नवंबर को राजस्थान के जालौर में चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें जेबकतरा कहा था. उन्होंने कहा था कि मोदी का काम आपका ध्यान इधर-उधर करने का है. जैसे दो जेबकतरे होते हैं, एक आता है, आपके सामने आपसे बात करता है, आपका ध्यान भटकाता है. तब तक पीछे से कोई दूसरा जेब काट लेता है.
उन्होंने कहा था कि मोदी का काम आपका ध्यान भटकाना है. अडानी का काम आपकी जेब काटना है. दोनों आते हैं, एक टीवी पर आता है. आपसे कहेगा हिंदू-मुस्लिम, कभी क्रिकेट मैच में चला जाएगा. वो अलग बात है कि हरवा दिया. पीएम मतलब पनौती मोदी.
चुनाव आयोग ने जारी किया था नोटिस?
इस मामले पर चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नोटिस भी जारी किया था. यह नोटिस जारी किए जाने के एक दिन पहले ही बीजेपी ने राहुल के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. आयोग ने राहुल को नोटिस जारी करते हुए इस पर जवाब देने को कहा था. उनसे पूछा गया था कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों ना की जाए.
