नई दिल्ली,
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा उन्हें पत्र लिखकर मांग करें तो वह असम में बीफ पर प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं. बीजेपी द्वारा मुस्लिम बहुल समागुरी को जीतने के लिए बीफ बांटने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंता ने कहा कि मुझे खुशी है कि विपक्षी पार्टी ने इस मामले को उठाया.
पार्टी की बैठक के बाद सीएम हिमंता ने संवाददाताओं से कहा कि समागुरी 25 साल तक कांग्रेस के साथ थी, समागुरी जैसे निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस का 27,000 वोटों से हारना उसके इतिहास की सबसे बड़ी शर्म की बात है, यह बीजेपी की जीत से ज्यादा कांग्रेस की हार है. बता दें कि बीजेपी के डिप्लू रंजन सरमा ने पिछले महीने हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील को 24,501 वोटों से हराया था.
सीएम हिमंता ने कहा कि दुख के बीच रकीबुल हुसैन ने एक अच्छी बात कही कि बीफ खाना गलत है, सरमा ने पूछा कि मैं जानना चाहता हूं कि क्या कांग्रेस मतदाताओं को बीफ परोसकर सामगुरी जीतती रही है. वह सामगुरी को अच्छी तरह जानते हैं, तो क्या इसका मतलब ये है कि बीफ परोसकर सामगुरी जीता जा सकता है? बता दें कि इस साल धुबरी लोकसभा सीट से रिकॉर्ड 10.12 लाख से ज्यादा वोटों से जीतने वाले रकीबुल हुसैन सांसद बनने से पहले लगातार 5 बार सामगुरी से विधायक रहे थे.
हिमंता बिस्वा ने कहा कि मैं रकीबुल हुसैन से कहना चाहता हूं कि बीफ पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने खुद कहा है कि यह गलत है. उन्हें मुझे केवल लिखित में देने की जरूरत है. उन्हें इस बारे में कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं से बोलने की जरूरत नहीं है, बल्कि असम में इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. अगर हम ऐसा करते हैं, तो सभी समस्याएं हल हो जाएंगी.
सीएम हिमंता ने कहा कि वह हुसैन के बयान को लेकर बीफ पर अपने रुख के बारे में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे. उन्होंने कहा कि मैं भूपेन बोरा को पत्र लिखूंगा और उनसे पूछूंगा कि क्या वह भी रकीबुल हुसैन की तरह बीफ पर प्रतिबंध लगाने की वकालत करते हैं, अगर हां, तो मुझे सूचित करें. मैं अगले विधानसभा सेशन में बीफ पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दूंगा. तब भाजपा, एजीपी, सीपीएम, कोई भी बीफ नहीं दे पाएगा और हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सभी को बीफ खाना बंद कर देना चाहिए, और सभी समस्याएं हल हो जाएंगी
