4.6 C
London
Saturday, April 25, 2026
Homeराज्यमुजफ्फरनगर में संजीव बालियान की हार के पीछे संगीत सोम फैक्‍टर, ठाकुर...

मुजफ्फरनगर में संजीव बालियान की हार के पीछे संगीत सोम फैक्‍टर, ठाकुर समाज की नाराजगी बनी बड़ी वजह

Published on

मुजफ्फरनगर

उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को 10 साल बाद बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान की हार भाजपा का कारण कोर वोट में बिखराव माना गया। ठाकुर, त्यागी और गुर्जर समाज में नाराजगी का असर नतीजों में दिखा है। अगड़ी जाति के मतदाताओं का वोट प्रतिशत कम रहने और अति पिछड़ा वर्ग में बसपा की सेंधमारी भी हार का बड़ा कारण बन रहा है। भारतीय जनता पार्टी-राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन के बाद भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजीव बालियान की स्थिति को मजबूत माना जा रहा था। हालांकि नतीजे पलट गए। इसके पीछे ठाकुर समाज की नाराजगी को बड़ी वजह माना जा रहा है। दरअसल, मुजफ्फरनगर की सरधना सीट पर यूपी चुनाव 2022 के दौरान संजीव बालियान ने खेल किया था। भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम को हार का सामना करना पड़ा। माना जा रहा है कि संगीत सोम ने अपनी हार का बदला लोकसभा चुनाव में अलग ही अंदाज में दे दिया है।

वोटों में बिखराव का दिखा असर
भाजपा के कोर वोट बैंक में बिखराव का असर संजीव बालियान की हार के रूप में सामने आया है। 2019 में संजीव बालियान की जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाला समीकरण इस बार बिखर गया। राजपूत, गुर्जर, त्यागी के गांवों में वोट प्रतिशत कम हुआ। इन गांवों में सपा भी बराबर वोट ले गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में इन गांवों में वोट प्रतिशत अधिक था। यही वजह थी कि रालोद अध्यक्ष अजित सिंह को हार का सामना करना पड़ा। गुजरात से उठे राजपूतों की नाराजगी के मुद्दे को संगीत सोम ने इलाके में बढ़ाया। संगीत सोम की हार के बाद से यह मुद्दा काफी गहरा रहा था।

राजपूतों की नाराजगी के मुद्दे को गहराया गया। इसने क्षेत्र के वोटरों को उदासीन बनाया। त्यागी समाज के लोग भी भाजपा के विरोध में खड़े हो गए। गुर्जर समाज के गांवों में भी बिखराव नजर आया। इन गांवों में वोटरों की नाराजगी ने लोगों को बाहर निकलने से रोका।

बसपा प्रत्याशी का भी असर
भाजपा की हार में बड़ी भूमिका बसपा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति ने भी निभाई। प्रजापति को दलित वोट बड़ी संख्या में मिले। साथ ही, उन्होंने प्रजापति के साथ ही अन्य अति पिछड़ी जातियों में सेंधमारी की। 2019 में सैनी, कश्यप, पाल का वोट भाजपा को अधिक मिला था, लेकिन इस बार वोट कम मिला। सदर सीट पर अति पिछड़ा वर्ग में बिखराव का लाभ सपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक को मिला। भाजपा-रालोद गठबंधन के बाद जाट वोटों के न बंटने की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, हरेंद्र मलिक ने जाट वोट बैंक में सेंधमारी कर दी। गांवों में भाजपा कामयाब नहीं हो पाई। बुढ़ाना विधानसभा में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

यूपी चुनाव से आए थे संकेत
यूपी चुनाव 2022 से ही भाजपा को संकेत मिलने लगे थे। लोकसभा चुनाव के नतीजों पर भी इसका असर दिखा। भाजपा को जिले की पांच सीटों पर हार झेलनी पड़ी थी। खतौली उप चुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से भाजपा में बिखराव तेज हो गया। रालोद से गठबंधन के बाद भी मतदाताओं और नेताओं को पार्टी एकजुट नहीं रख सकी। भाजपा की हार का यह सबसे बड़ा कारण बनी। लोकसभा चुनाव के दौरान सरधना, खतौली और चरथावल विधानसभा में भाजपा का विरोध हुआ। भाजपा इन विरोधों को साधने में कामयाब नहीं हो पाई। पार्टी में बिखराव साफ नजर आया। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान भी कई मौके पर पार्टी में अकेले खड़े दिखे।

सपा 24 हजार से जीत दर्ज करने में हुई कामयाब
2013 के दंगों के बाद से समाजवादी पार्टी के खिलाफ मुजफ्फरनगर में माहौल गहरा गया था। लेकिन, सपा प्रत्याशी हरेंद्र सिंह मलिक समीकरण साधने में कामयाब हो गए। रालोद का साथ छूटने के बाद भी वे 24,672 वोटों से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। हरेंद्र सिंह मलिक को 4,70,721 वोट मिले। वहीं, भाजपा के संजीव बालियान ने 4,46,049 वोट हासिल करने में कामयाब रहे। बसपा के दारा सिंह प्रजापति 1,43,707 वोट हासिल कर भाजपा की हार में बड़ा फैक्टर बने। त्यागी समाज की नाराजगी का आलम यह रहा कि निर्दलीय सुनील त्यागी ने भी 7167 वोट हासिल किया। वे चौथे स्थान पर रहे।

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...