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देरी से संघ नाराज, शिंदे ने फिर फोड़ा बम… महाराष्ट्र में कौन लेगा मुख्यमंत्री की शपथ, क्या महा’खेला’ है बाकी

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मुंबई

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति की महाजीत के बाद क्या राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा सियासी खेला बाकी है? यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फिर से ऐसा बयान दिया है। जिसे सियासी तौर पर कई तरीके से देखा जा रहा है। ठाणे में मीडिया से बातचीत में शिंदे ने कहा कि सोमवार को महाराष्ट्र का सीएम तय होगा। सीएम शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जो भी फैसला लेंगे। वह मुझे मंजूर होगा। ऐसे वक्त पर सीएम शिंदे का यह कहना की मुख्यमंत्री का फैसला सोमवार को होगा। इससे सवाल खड़ा हो रहा है क्या बीजेपी नेतृत्व राज्य में फिर चौंकाएगा? महाराष्ट्र में महा सस्पेंस के बीच बीजेपी नेता रावसाहेब दानवे ने कहा है कि सीएम का नाम तय हो चुका है, सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व की मुहर बाकी है।

सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन
महाराष्ट्र में बीजेपी की तरफ से देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री की दौड़ में स्वाभाविक दावेदार के तौर पर उभरे हैं। चुनाव नतीजे आने के बाद राज्य के सबसे ज्यादा नवविर्वाचित विधायकों और दूसरे दलों के नेताओंं ने फडणवीस से मुलाकत की है। ऐसे में जब शिंदे के सहयोगी फडणवीस इस रेस में सबसे आगे हैं तब वह उनका यह कहना कि पीएम मोदी और अमित शाह जो फैसला लेंगे। वह सियासी जानकारों को चौंका रहा है। राज्य में यह सब उस वक्त पर हो रहा है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूरे प्रकरण को लेकर नाराज होने की बात कही जा रही है।

संघ भी देरी नहीं नाखुश है
सूत्रों से जो जानकारी सामने आई है उसमें कहा गया है कि राज्य में मुख्यमंत्री को लेकर देरी हो रही है। उससे संघ खुश नहीं है। संघ इस बात से भी खुश नहीं है कि जानबूझकर फडणवीस के सामने मराठा मुख्यमंत्री होने की लॉबिंग की जा रहा है। फडणवीस के विकल्प के तौर पर कई नामों की चर्चा सामने आई है। इनमें बीजेपी के प्रदेश प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले, विनोद तावड़े, चंद्रकांता पाटिल और मुरलीधर मोहोल के नाम शामिल हैं। इसमें तावड़े, पाटिल और मोहोल मराठा हैं जबकि चंद्रशेखकर बावनकुले ओबीसी से आते हैं। संघ इससे खुश नहीं है कि राज्य का मुख्यमंत्री ओबीसी या फिर मराठा होना चाहिए।

क्या अभी सरप्राइज बाकी है?
संघ की तरफ से देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद का स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा है। फडणवीस ब्राह्मण हैं। बीजेपी को 132 सीटें जिताने में फडणवीस की माइक्रोप्लानिंग को जिम्मेदार माना जा रहा है। मीडिया में आई रिपोर्ट में संघ के हवाले से कहा है कि फडणवीस नैचुरल च्वाइस हैं, लेकिन इसके बाद भी शिंदे ने अभी तक फडणवीस को खुला समर्थन नहीं दिया है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि महाराष्ट्र में अभी सबसे बड़ा सियासी खेला होना क्या बाकी है? बीजेपी ने इससे पहले कई राज्यों में चाैंकाती आई है। अब देखना यह है कि 2 दिसंबर यानी सोमवार को किसके नाम पर मुहर लगती है? नए सीएम का शपथ समारोह पांच दिसंबर को मुंबई के आजाद मैदान में शाम पांच बजे रखा गया है।

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