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महाराष्ट्र में फ्रांसीसी कंपनी के गंभीर आरोपों पर घिरे शिंदे, विपक्ष के हमले के बीच दिए जांच के आदेश, जानें पूरा मामला

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मुंबई

महायुति सरकार में ‘टेंशन’ के बीच महायुति के तीसरे मंत्री और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे घिरते दिख रहे हैं। मुंबई में मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ी फ्रांसीसी इंजीनियरिंग कंपनी सिस्ट्रा ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के सीनियर अधिकारियों के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। कंपनी ने फ्रांसीसी दूतावास के माध्यम से यह शिकायत दर्ज कराई है। धनंजय मुंडे और माणिकराव काेकाटे के बाद अब एकनाथ शिंदे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीत गरमाई दिख रही है क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए यह एमएमआरडीए का काम शिंदे के आधाीन था। अब भी वही शहरी विकास विभाग को संभाल रहे हैं। फ्रांसीसी कंपनी के आरोपों के सामने आने के बाद शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने निशाना भी साधा है। ठाकरे ने कहा है कि शिंदे सरकार के घोटाले अब सामने आ रहे हैं। इस मुद्दे पर सीएम फडणवीस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

क्या हैं फ्रांसीसी कंपनी के आरोप?
मुंबई में मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़ी फ्रांसीसी इंजीनियरिंग कंपनी सिस्ट्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि एमएमआरडीए के अधिकारी अनुचित लाभ मांगा, भुगतान में देरी की। इतना ही नहीं ठेकेदारों का ऑर्डर बढ़ाने के लिए फर्म पर दबाव डाला। कंपनी ने कहा है कि प्रोजेक्ट के लिए कर्मियों की नियुक्ति की मंजूरी रोकी गई। इतना ही नहीं मनमा जुर्माना लगाया गया।सूत्रों की मानें तो फ्रांसीसी कंपनी ने यह शिकायत महाराष्ट्र के रेजीडेंट कमिश्नर को भेजी है। इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी है कि उनके पास इस मामले की जानकारी नहीं है। वे राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक से बात करके इस मामले की सच्चाई का पता लगाएंगे। तो वहीं सौनिक ने कहा है कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सीबीआई जांच की मांग
उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि फ्रांसीसी कंपनी द्वारा उठाया गया यह मुद्दा काफी गंभीर है। मैं पहले से कह रहा हूं कि शिंदे भ्रष्ट मंत्री है। अब इसके सबूत भी सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र में यह पूरा मामला ऐसे वक्त पर सामने आया है जब बीजेपी और शिवसेना के साथ-साथ फडणवीस और शिंदे के बीच सबकुछ ठीक नहीं होने की बात कही जा रही है। शिंदे की नाराजगी काफी चर्चा में है। शिंदे ने पिछले दिनों एक बयान दिया था कि उन्हें हल्के में न लिया जाएगा। 2022 में जिन्होंने उन्हें हल्के में लिया था। उनका उन्होंने तांगा पलट दिया था। विपक्ष ने मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। तो वहीं दूसरी तरफ इस मामले के तूल पकड़ने के बाद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फ्रांसीसी कंपनी सिस्ट्रा-एमएमआरडीए के विवाद के मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

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