पेरिस
फ्रांस में इस समय दंगे चल रहे हैं। इस बीच फ्रांस की पुलिस ने विद्रोह करने की कसम खाई है। फ्रांसीसी पुलिस का कहना है कि अगर सरकार पेरिस समेत पूरे देश में फैले दंगों को खत्म करने और व्यवस्था बहाल करने में सफल नहीं होती तो विद्रोह कर दिया जाएगा। 17 साल के नाहेल एम की मंगलवार को पुलिस की गोली से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे फ्रांस में लोग जमाहोकर प्रदर्शन करने लगे। लेकिन देखते ही देखते यह प्रदर्शन लूटपाट और आगजनी तक पहुंच गया। सड़कों पर कई गाड़ियों को भी जला दिया गया।
शुक्रवार की रात पुलिस ने कहा, ‘हम दंगाइयों की ‘जंगली भीड़’ के साथ ‘युद्ध’ में हैं।’ मिरर की खबर के मुताबिक दो अधिकारियों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के हस्तक्षेप न करने पर विद्रोह की धमकी दी है। दंगाइयों ने बैरिकेड्स लगाए, आग जलाई और पुलिस पर आतिशबादी की। पुलिस ने इसका जवाब दंगाइयों पर आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार से किया। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि शनिवार को नाहेल के अंतिम संस्कार के दौरान और भी हिंसा भड़क सकती है।
फ्रांस की सड़कों पर छह हजार से ज्यादा आग
हिंसा के दौरान फ्रांस की सड़कों पर छह हजार से ज्यादा आगजनी की घटनाएं देखी गईं। ऐसे वीडियो आए हैं, जिनमें दिख रहा है कि पुलिस दंगाइयों से भिड़ने की तैयार कर रही है। पुलिस की अलग-अलग इकाइयां प्रदर्शनकारियों को पकड़ रही हैं। शुक्रवार की रात दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और कचरे के डब्बों में आग लगा दी गई। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों के आगे के शीशे तोड़े। फ्रांस के पुलिसकर्मी खाना-पानी न मिलने से पूरी तरह परेशान है और बार के मालिक पानी पिलाने का काम कर रहे हैं।
बैंक में लगाई गई आग
पेरिस के नानटेरे में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों को आग लगा दी। इसके अलावा फ्रांस के एक शहर में बैंक में भी आग लगा दी गईं। इस प्रदर्शन से सबसे ज्यादा फ्रांस के टूरिज्म को नुकसान होता दिख रहा है। ब्रिटिश यात्रियों को खतरे और कर्फ्यू से जुड़ी वॉर्निंग दी गई है। यात्रियों को कहा गया है कि वह खबरों से जुड़े रहें। किसी भी तरह के प्रदर्शन का हिस्सा न बनें। इस बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह डांस करते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद से उनकी आलोचना हो रही है। फ्रांस में लगभग 45,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं।
