वॉशिंगटन
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स अमेरिकी खुफिया एजेंसी के साथ एक गुप्त अनुबंध के तहत सैकड़ों जासूसी उपग्रहों का एक नेटवर्क बना रही है। इसे मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच गहरे संबंधों का सबूत कहा जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि नेटवर्क का निर्माण स्पेसएक्स की स्टारशील्ड बिजनेस यूनिट के 2021 में नेशनल रिकॉनसेंस कार्यालय (एनआरओ) के साथ हस्ताक्षरित 1.8 बिलियन डॉलर के अनुबंध के तहत किया जा रहा है। एनआरओ अमेरिका की खुफिया एजेंसी है, जो जासूसी उपग्रहों का मैनेजमेंट करती है।
चप्पे-चप्पे पर होगी अमेरिका की नजर
ये प्रोजेक्ट्स अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सैन्य परियोजनाओं में स्पेसएक्स की भागीदारी की सीमा को दर्शाती है। अमेरिका अपने जमीनी बलों का समर्थन करने और दुश्मनों पर नजर रखने के लिए पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले सैटेलाइटों के एक विशाल नेटवर्क को बनाने में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो अमेरिकी सरकार और सेना दुनिया में लगभग कहीं भी संभावित लक्ष्यों को तुरंत पहचानने की क्षमता को काफी हद तक बढ़ा लेगी।
एलन मस्क पर भरोसा कर रहा बाइडन प्रशासन
सूत्रों का कहना है कि स्पेसएक्स को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट मस्क की कंपनी स्पेसएक्स में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हालांकि, एलन मस्क का बाइडन प्रशासन के साथ टकराव भी हो चुका है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने फरवरी में ही इस कॉन्ट्रैक्ट के बारे में खुलासा किया था। हालांकि, रिपोर्ट में स्पेसएक्स का नाम नहीं बताया गया था। रिपोर्ट में कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दिए बिना कहा गया था कि एक अज्ञात खुफिया एजेंसी के साथ 1.8 बिलियन डॉलर के क्सालिफाइड स्टारशील्ड अनुबंध किया गया है।
सैकड़ों उपग्रहों को किया जाएगा लॉन्च
स्पेसएक्स के साथ अनुबंध में एक शक्तिशाली नई जासूसी प्रणाली की स्थापना की जाएगी। इसके लिए पृथ्वी की स्क्रीनिंग करने वाले सैकड़ों उपग्रहों को लॉन्च किया जाएगा, जो पृथ्वी की एक निश्चित कक्षा में झुंड के रूप में काम कर सकेंगे। हालांकि, यह तय नहीं है कि इन उपग्रहों को कब ऑनलाइन किया जाएगा। यह भी गुप्त है कि इस प्रोजेक्ट में एनआरओ ने स्पेसएक्स के अलावा कौन सी अन्य दूसरी कंपनियों के साथ अनुंबध किया है।
