लखनऊ ,
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक इंटरव्यू में संभल-मथुरा और बुलडोजर एक्शन पर खुलकर बयान दिया. सीएम योगी के इस बयान के बाद विपक्ष उनपर हमलावर हो गया है. समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि मथुरा और काशी जैसे मुद्दों पर कानून को अपना काम करने देना चाहिए. योगी तनाव पैदा ना करें. वो ऐसा बयान ना दें जिससे समाज में तनाव पैदा हो.
वहीं, सपा के एक और सांसद राजीव राय ने कहा कि सीएम योगी धमकी भरी भाषा का उपयोग कर रहे हैं. वो कोर्ट के आदेश का इंतजार करें, यही देश के लिए बेहतर है. योगी जी धमकी देना बंद करें. वह भय का माहौल पैदा करते हैं. योगी तो मठ के व्यक्ति हैं, उनको ऐसी भाषा नहीं बोलनी चाहिए.
कांग्रेस सांसद राजीव रंजन ने यूपी सीएम के बयान पर कहा कि वो जो बोलते रहते हैं उससे रोजगार नहीं मिलता है. संभल में हमने देखा क्या हुआ. लॉ एंड ऑर्डर की धज्जियां उड़ाई गईं. योगी बेचारा है. मैनिफेस्टो में कितना काम हुआ इसके बारे में योगी को कुछ बताना चाहिए. कैसे-कैसे नेता लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, अफसोसनाक है.
सीएम योगी के बयान पर सपा का रिएक्शन
दरअसल, इंटरव्यू में सीएम योगी ने कहा था कि यूपी में मुस्लिम सेफ हैं, अगर हिंदू सुरक्षित हैं तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. इसको लेकर सपा प्रवक्ता अमीक जमई ने कहा कि सीएम के बयान हकीकत मेल नहीं खाते. 2017 के बाद मुसलमानों पर सबसे ज्यादा हमले हुए हैं. कानून व्यवस्था लचर है. पीडीए के अधिकारों पर हमले हुए. आजम खान ने यूनिवर्सिटी बनवाई लेकिन सेफ नहीं. मुसलमानों के फेक एनकाउंटर किए जा रहे हैं.
बकौल सपा प्रवक्ता- मथुरा में कोर्ट का आदेश का पालन हो रहा है. आप ऊपर कमेंट कर रहे हैं. संभल में खुदाई की बात कर रहे हैं. पुलिस मुस्लिमों को खुलेआम धमका रही है. लगता है मठ का कानून चल रहा है. उधर, RJD सांसद मनोज झा ने सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ‘नमूना’ कहने पर, कहा- “… उनका दर्शन बहुत संकुचित और संकीर्ण है. संविधान, संविधान के मर्म से उन्हें कोई मतलब नहीं… यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है कि ऐसे लोग ओहदेदार बनकर बैठे हैं.”
