11.1 C
London
Monday, May 18, 2026
HomeभोपालMP के कृषि मंत्री का अजीबोगरीब बयान, बोले- 'कोई रेत माफिया नहीं,...

MP के कृषि मंत्री का अजीबोगरीब बयान, बोले- ‘कोई रेत माफिया नहीं, ये तो पेट माफिया हैं’, सरकार बेबस

Published on

भोपाल ,

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में वन विभाग की टीम पर हमले की घटना के बाद सरकार के एक मंत्री का बयान चर्चा का विषय बन गया है. विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने रेत माफिया को लेकर अजीबोगरीब बयान दिया. उन्होंने कहा, “कोई रेत माफिया नहीं होता है, वो तो पेट माफिया होते हैं, जो पेट पालने के लिए काम करते हैं.”दरअसल, मुरैना जिले के अंबाह में रेत माफिया ने वन विभाग की टीम पर हमला किया और जब्त ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए थे. इस घटना का वीडियो सामने आया था.

वन विभाग का सशस्त्र अमला चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन की जांच के लिए निकला था. इस दौरान टीम ने रेत से भरी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया था. लेकिन रेत माफिया ने पथराव कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा लिया. इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद रेत माफिया के बढ़ते हौसले पर सवाल उठने लगे.

मंत्री का बयान बना चर्चा का विषय
आज विधानसभा में जब पत्रकारों ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना से इस घटना के बारे में सवाल किया, तो उनका जवाब हैरान करने वाला था. कंषाना ने कहा, “कोई रेत माफिया नहीं होता है. वो पेट माफिया होते हैं, जो पेट पालने के लिए काम करते हैं. रेत माफिया उसे कहते हैं, जो एक व्यक्ति के लिए काम करें. मुरैना में रेत माफिया नहीं है. घटना की जानकारी लेते हैं, अगर किसी शासकीय कर्मचारी पर हमला हुआ है, तो कानून अपना काम करेगा.”

मुरैना से ही आते हैं मंत्री
गौरतलब है कि एदल सिंह कंषाना मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा से विधायक हैं, और अंबाह भी उसी जिले का हिस्सा है, जहां यह हमला हुआ था. उनके इस बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है.

रेत माफिया का आतंक और विपक्ष का हमला
मध्यप्रदेश में मुरैना में खनन माफिया का आतंक लंबे समय से चर्चा में रहा है. माफिया ने सरकारी कर्मचारियों पर हमले किए हैं. साल 2012 में मुरैना के ही बानमोर में आईपीएस नरेंद्र कुमार को होली के दिन ट्रैक्टर चढ़ाकर मार डाला गया था.

मुरैना में रेत माफिया के हौसले बुलंद
मुरैना में रेत माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वन विभाग और पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद उनकी गतिविधियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि माफिया के डर से कोई भी खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं करता.

बयान पर उठ रहे सवाल
कृषि मंत्री कंषाना के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसे ‘पेट पालने’ का काम कहना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि माफिया को बढ़ावा देने वाला भी है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मध्यप्रदेश में रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है.

Latest articles

महंगाई का झटका: भोपाल समेत मप्र में CNG ₹3 महंगी, दो महीने में ₹5 तक बढ़े दाम

​शनिवार रात से लागू हुईं नई दरें, भोपाल में अब ₹93.75 प्रति किलो पहुंचे...

​भोपाल में दर्दनाक हादसा: तीसरी मंजिल से गिरकर पशु चिकित्सक की पत्नी की मौत

​निशातपुरा के संजीव नगर कॉलोनी की घटना, फोन पर बात करने के दौरान बिगड़ा...

भोपाल में सनसनीखेज वारदात: लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर खुदकुशी की कोशिश

​पिपलानी थाना क्षेत्र के सोनागिरि की घटना ​भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक...

पर्यटन यात्रा और होटल प्रबंधन सहित सभी पारंपरिक विषयों में सहशिक्षा अध्ययन सुविधा

वाणिज्य और राजनीतिविज्ञान में पीएच डी हेतु शोध केन्द्र भोपाल। बाबूलाल लाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर...

More like this

महंगाई का झटका: भोपाल समेत मप्र में CNG ₹3 महंगी, दो महीने में ₹5 तक बढ़े दाम

​शनिवार रात से लागू हुईं नई दरें, भोपाल में अब ₹93.75 प्रति किलो पहुंचे...

​भोपाल में दर्दनाक हादसा: तीसरी मंजिल से गिरकर पशु चिकित्सक की पत्नी की मौत

​निशातपुरा के संजीव नगर कॉलोनी की घटना, फोन पर बात करने के दौरान बिगड़ा...

भोपाल में सनसनीखेज वारदात: लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर खुदकुशी की कोशिश

​पिपलानी थाना क्षेत्र के सोनागिरि की घटना ​भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक...