16.3 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के सामने स्पेस में खाने का संकट,...

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के सामने स्पेस में खाने का संकट, अपने ही मूत्र से बना सूप पीकर कर रहे गुजारा!

Published on

वॉशिंगटन

नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स इस साल जून से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में करीब छह महीने से रह रहे एस्टोनॉट बीते कुछ समय से सूप से बना पेशाब पीकर गुजारा रहे हैं। इस सूप को जिस मूत्र से बनाया जा रहा है, वो इन अंतरिक्ष यात्रियों का ही है। सूप बनाने के लिए पेशाब और पसीने को रीसाइकल किया जाता है, फिर इसे पीने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 61 साल के बुच विलमोर और 59 साल की भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स धरती से 254 मील ऊपर फंसे हैं। जून में वह आठ दिन के मिशन पर गए थे लेकिन वापस लाने वाला बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान खराब हो गया। ऐसे में दोनों अंतरिक्ष यात्री अभी तक स्पेस में ही हैं। उम्मीद है कि अगले सालर फरवरी में उनकी वापसी हो सकती है।

विलियम्स को शुरू में मिल रहा था पिज्जा, चिकन
रिपोर्ट के मुताबिक, सुनीता और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री को शुरुआत में ताजे फल, रोस्ट चिकन और पिज्जा जैसा अच्छा भोजन मिल रहा था। बीते कुछ वक्त से अब उनके मेनू में सिर्फ पाउडर वाला दूध, डिहाइड्रेटेड कैसरोल और फ्रीज-ड्राई सूप ही बचा है। यह सूप उनके अपने ही पसीने और पेशाब से प्रोसेस कर बनाया जाता है। आईएसएस का एडवांस्ड फिल्ट्रेशन सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि एक भी बूंद पानी बर्बाद ना हो और उसे रीसाइकल किया जा सके।

सुनीता और बुच की सेहत पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के डॉक्टर लगातार नजर रख रहे है। डॉक्टरों की कोशिश है कि अंतरिक्ष यात्रियों को रोजाना पर्याप्त कैलोरी मिले। हाल ही में आई तस्वीरों में सुनीता और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री काफी पतले दिखे हैं। हालांकि सुनीता विलियम्स ने भोजन की चिंताओं को खारिज किया है लेकिन दोनों एस्ट्रोनॉट की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

नासा के सामने विलियम्स का स्वास्थ्य चुनौती
नासा के स्पेस में फंसे क्रू को सेहत बेहतर बनाए रखने के लिए अपने 530-गैलन पानी रीसाइक्लिंग टैंक और आपातकालीन खाद्य भंडार पर निर्भर है। खाना चुंबकीय ट्रे पर धातु के बर्तनों के साथ तैयार किया जाता है ताकि भोजन के तैरने से बचा जा सके। प्रत्येक अंतरिक्ष यात्री को हर दिन करीब 3.8 पाउंड भोजन मिलता है।

सुनीता और बुच के अगले साल लौटने की उम्मीद है। दोनों को एक स्पेसएक्स ड्रैगन क्राफ्ट फरवरी, 2025 में घर वापस ला सकता है। इसका मतलब है कि विलमोर और विलियम्स को स्पेस सूप और माइक्रोग्रैविटी वर्कआउट के साथ तीन महीने और गुजारने होंगे। हालांकि उनके सामने खानपान और गिरती सेहत एक चुनौती है।

Latest articles

इंसेंटिव राशि 10 हजार की मांग को लेकर सीटू यूनियन ने किया जंगी द्वार सभा

भोपाल। इंसेंटिव राशि 10 हजार रुपये किए जाने की मांग को लेकर सैकड़ो की...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...