स्टॉकहोम
स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की एक मस्जिद के सामने पवित्र कुरान जलाने का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना के बाद इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) आगबबूला है। वहीं बांग्लादेश के एक मौलाना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह स्वीडन को एक इस्लामिक देश बनाने और कुरान जलाने वालों को मारने की बात कह रहे हैं। लगातार बढ़ रहे दबाव के बाद अब स्वीडन ने भी इसे इस्लामोफोबिया से जुड़ी घटना बताया है। स्वीडन ने कहा है कि कुरान जलाने की घटना स्वीडिश सरकार का स्टैंड नहीं है। OIC ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाने को कहा था।
स्वीडन की घटना पर बांग्लादेश के तहरीक-ए खतमे-नबुवत संगठन के अध्यक्ष डॉ. अनायेतुल्लाह अब्बासी ने धमकी भरा बयान दिया है। इस बायन में वह स्वीडन को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की बात कहते हैं। वीडियो बांग्ला भाषा में है, लेकिन इसके अनुवाद के मुताबिक अब्बासी ने कहा, ‘एक दिन ऐसा आएगा जब कुरान और इस्लाम को मानने वाले स्वीडन की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। कुरान की बेइज्जती करने वालों को शरिया कानून के तहत मौत की सजा दी जाएगी।’
‘मुस्लिम देशों को नहीं रहना चाहिए UN का हिस्सा’
अब्बासी ने भीड़ को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र को भी निशाने पर लिया। इसमें उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र इस मामले में अपने प्रतिनिधि को तलब क्यों नहीं करता। हमारे 57 मुस्लिम देशों को इस क्रिश्चियन क्लब (UN) का बहिष्कार करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के जरिए कभी भी मानवाधिकार लागू नहीं हो सकता।’ उन्होंने आगे धमकी देते हुए कहा, ‘डेनमार्क में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ लिखने वाले अखबार के एडिटर की हत्या की गई थी। अगर स्वीडिश सरकार जरूरी कदम नहीं उठाती तो चरमपंथी इनका भी फैसला करेंगे।’
मुस्लिम देश आगबबूला
बकरीद के मौके पर स्वीडन में पवित्र कुरान जलाने की घटना से मुस्लिम देश आगबबूला हैं। 57 देशों के संगठन OIC ने स्वीडन से कहा था कि कुरान जलाने की ऐसी घटना न हो इसके लिए कड़े कानून बनाए जाएं। ईरान ने इस घटना के बाद स्वीडन में अपना राजदूत तैनात करने से मना कर दिया। भारत में भी इस घटना के बाद प्रदर्शन किया गया। वहीं पाकिस्तान के राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन किया। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के प्रदर्शन के दौरान तलवारें भी लहराई गईं।
