नई दिल्ली
2024 का लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज करते जा रहे हैं। मिशन 2024 के लिए एनडीए बनाम I.N.D.I.A. की लड़ाई तय दिख रही है। हालांकि, लोकसभा चुनाव के लिए सामने आ रहे सर्वे में सत्तारूढ़ एनडीए के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। टाइम्स नाउ नवभारत के सर्वे की माने तो एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में तो आती दिख रही है लेकिन उसका वोट प्रतिशत 2019 के मुकाबले घटता दिख रहा है।
सीटें भी घटने का अनुमान
टाइम्स नाउ नवभारत के सर्वे के अनुसार, 2024 में एनडीए सत्ता में तो आती दिख रही है लेकिन उसकी सीटें घट रही हैं। सर्वे के अनुसार, एनडीए को लोकसभा चुनाव में 296 से 336 सीटों का अनुमान लगाया गया है। I.N.D.I.A. को 160-190 सीटें मिल सकती हैं। गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा में चुनाव में एनडीए को कुल 353 सीटें मिली थी जिसमें बीजेपी को अकेले 303 सीटों पर जीत मिली थी। 2019 में यूपीए को 91 सीटें मिली थीं जबकि अन्य को 98 सीटों पर जीत मिली थी।
| पार्टी | वोट शेयर ( प्रतिशत) |
| NDA | 42.60 |
| I.N.D.I.A | 40.20 |
| YSRCP जगन मोहन की पार्टी | 2.67 |
| BRS केसीआर की पार्टी | 1.15 |
| बीजू जनता दल | 1.75 |
| अन्य | 11.63 |
एनडीए का वोट प्रतिशत भी घटेगा!
सीटों के साथ-साथ एनडीए का वोट प्रतिशत भी घटता दिख रहा है। ETG रिसर्च के साथ किए गए टाइम्स नाउ सर्वे में एडीए को 42.60 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं। वहीं I.N.D.I.A. को 40.20 फीसदी वोट मिल रहे हैं। अगर 2019 की बात करें तो एनडीए को 45% वोट मिले थे जिसमें अकेले 37% वोट बीजेपी को मिले थे। कांग्रेस को महज 19 फीसदी वोट मिले थे। यूपीए का वोट शेयर 30 फीसदी के करीब पहुंचा था।
तो क्या बज गई मोदी के लिए खतरे की घंटी
अगर वोट शेयर की बात करें तो एनडीए और I.N.D.I.A. के बीच की दूरी महज 2 फीसदी वोटों का रह गया है। हालांकि, अभी चुनाव में करीब 8 महीने का वक्त है। ऐसे में चीजें बदल सकती हैं लेकिन जिस तरीके से पूरे देश में विपक्षी गठबंधन इंडिया का वोट प्रतिशत बढ़ा है वो निश्चित तौर पर एनडीए के लिए खतरे की घंटी बजा चुका है। यही नहीं, कई वैसे राज्यों में भी बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सीटें घटती दिख रही है।
मोदी का करिश्मा करेगा काम?
टाइम्स नाउ नवभारत के सर्वे की माने तो एनडीए को सत्ता विरोधी लहर का भी सामना करना पड़ेगा। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी का करिश्मा क्या 2024 के चुनाव में फिर से करेगा काम? अब सबकी नजरें इसपर टिकी होंगी। उधर, इंडिया गठबंधन में अभी भी सबकुछ ठीक नहीं है। यानी आने वाले समय में अभी बहुत कुछ बदल भी सकता है।
