नई दिल्ली
यूएन ने हाल में खुशहाल देशों की एक लिस्ट जारी की थी। इसमें फिनलैंड को लगातार सातवें साल पहला स्थान मिला है। फिनलैंड नॉर्डिक इलाके का देश है। नॉर्डिक क्षेत्र उत्तरी यूरोप और नॉर्थ अटलांटिक का भौगोलिक और सांस्कृतिक इलाका है। इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं। फिनलैंड के बारे में एक फैक्ट यह भी है कि दुनिया में दूध की प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा खपत इसी देश में है। इस देश में दूध की सालाना प्रति व्यक्ति खपत 430 किलो है। यानी हर आदमी रोजाना एक किलो से अधिक दूध पी जाता है। अगर भारत के हिसाब से देखें तो फिनलैंड में दूध की प्रति व्यक्ति खपत करीब पांच गुना ज्यादा है।
FAOSTAT के मुताबिक प्रति व्यक्ति दूध के खपत के मामले में फिनलैंड के बाद दूसरे नंबर पर मोंटेनेग्रो है। इस देश में दूध की पर कैपिटा सालाना खपत 249 किलो है। मिल्क कंजम्पशन में टॉप 10 देशों में नौ देश यूरोप के हैं। नीदरलैंड में प्रति व्यक्ति सालाना दूध की खपत 341 किलो, स्वीडन में 341 किलो, स्विट्जरलैंड में 318 किलो, अल्बानिया में 303 किलो, लिथुआनिया में 295 किलो, आयरलैंड में 291 किलो, कजाखस्तान में 288 किलो, एस्तोनिया में 284 किलो, डेनमार्क में 277 किलो और नॉर्वे में 261 किलो है। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी में प्रति व्यक्ति दूध की सालाना खपत 254 किलो, ऑस्ट्रेलिया में 234 किलो और ब्रिटेन में 232 किलो है।
🥛 Milk consumption (annually per capita):
🇫🇮 Finland: 430 kg
🇲🇪 Montenegro: 349 kg
🇳🇱 Netherlands: 341 kg
🇸🇪 Sweden: 341 kg
🇨🇭 Switzerland: 318 kg
🇦🇱 Albania: 303 kg
🇱🇹 Lithuania: 295 kg
🇮🇪 Ireland: 291 kg
🇰🇿 Kazakhstan: 288 kg
🇪🇪 Estonia: 284 kg
🇩🇰 Denmark: 277 kg
🇳🇴 Norway:…— World of Statistics (@stats_feed) March 22, 2024
भारत का हाल
भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहले नंबर पर है। दुनिया के कुल दुग्ध उत्पादन में 24.64% हिस्सेदारी है। पिछले नौ साल में इसमें सालाना 5.85% की रफ्तार से तेजी आई है। 2014-15 में देश में दूध का उत्पादन 146.31 मिलियन टन था जो 2022-23 में 230.58 मिलियन टन पहुंच गया। लेकिन प्रति व्यक्ति खपत के मामले में भारत दुनिया में काफी पीछे है। देश में दूध की प्रति व्यक्ति खपत 84 किलो है। पाकिस्तान इस मामले में भारत से कहीं आगे है। वहां प्रति व्यक्ति दूध की सालाना खपत 183 किलो है। चीन में यह महज 32 किलो है जबकि बांग्लादेश में हर आदमी के हिस्से में सालाना केवल 21 किलो दूध ही आता है। सबसे बुरा हाल नॉर्थ कोरिया का है। इस देश में हर आदमी को पूरे साल में केवल चार किलो दूध मिलता है।
