मुंबई
जयपुर मुंबई ट्रेन फायरिंग मामले में मृतक कादर भानपुरवाला के बेटे हुसैन भानपुरवाला ने शुक्रवार को कहा कि अब इंडिया में रहने में डर लगता है। ऐसा लगता है कि अब कहीं और शिफ्ट हो जाना चाहिए। हुसैन जांच एजेंसी से भी नाराज हैं। उनका कहना है कि अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि आरोपी कांस्टेबल चेतन सिंह में मेरे पिता और अन्य तीन लोगों की हत्या क्यों की? हुसैन ने राज्य सरकार के लचर और उदासीन रवैये की भी आलोचना की। हुसैन ने यह भी सवाल उठाया कि अगर चेतन मानसिक रूप से बीमार था तो फिर उसने दाढ़ी वाले लोगों को ही निशाना क्यों बनाया? बीती 31 जुलाई को चलती एक्सप्रेस ट्रेन में आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपने सीनियर टीकाराम मीणा और तीन अन्य यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। फिलहाल आरोपी चेतन को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
आरोपी को उसकी पिछली रिमांड की अवधि समाप्त होने पर शुक्रवार को बोरीवली में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया, क्योंकि मामले की जांच कर रही जीआरपी ने आगे कोई रिमांड नहीं मांगी थी।
नार्को टेस्ट, अन्य परीक्षणों के लिए मंज़ूरी से इनकार
कोर्ट ने इस घटनाक्रम में जांच एजेंसी को ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को विश्लेषण परीक्षण करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।जीआरपी ने यह कहते हुए परीक्षण के लिए सहमति मांगी थी कि मामला बहुत गंभीर है और गहन जांच की जरूरत है। घटना 31 जुलाई को महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास चलती जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में हुई थी।
जयपुर मुंबई ट्रेन में उस दिन रहे कोच अटेंडेंट कृष्ण कुमार शुक्ला बी 5 के अटेंडेंट थे। आरोपी चेतन ने पहले अपने सीनियर टीकाराम मीणा को गोली मारी। उसके बाद वो बी 4 कोच की तरफ बढ़ा, जहां उसने भानपुरवाला और मोइनुद्दीन को पैंट्री कोच और शेख को एस 6 में गोली मारी। शुक्ला बताते हैं, ‘वह जैसे ही दूसरी बार बी 5 से निकला, तो मैंने एक आरपीएफ जवान को सूचित किया। जिसने बाद में एक और आरपीएफ कॉन्स्टेबल अमय आचार्य को बताया। जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
