नई दिल्ली
ये एनडीए का महाविजय है… तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाने जा रहे नरेंद्र मोदी का यह महाघोष है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) यानी एनडीए संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह को संबोधित किया। एनडीए के सभी दलों के नेता और नए चुने गए सांसदों को संबोधन में मोदी ने एनडीए के महाविजय की बात की तो विपक्षी गठबंधन का भविष्य भी बता दिया। मोदी ने कहा कि इंडि गठबंधन तेज गति से गर्त में जाने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से 24 तक हुए तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने जितनी सीटें जीतीं, बीजेपी ने इस बार सबसे कम सीटें जीतकर भी उससे आगे है।
मोदी बोले- न हारे थे, न हारे हैं
मोदी बोले, ‘आपने देखा, दो दिन कैसा चला। वो कह रहे थे कि हम तो हार चुके हैं क्योंकि उनको अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा करना था। गठबंधन के इतिहास में अगर आंकड़ों के हिसाब से देखें तो ये सबसे मजबूत गठबंधन की सरकार है। लेकिन कोशिश ये की गई इस विजय को स्वीकार नहीं करना है, उसको पराजय की छाया में डुबोकर रखना है। लेकिन ऐसी चीजों की बाल मृत्यु हो जाती है। देशवासी जानते हैं कि न हम हारे थे और न हारे हैं, न हारेंगे। लेकिन 4 तारीख के बाद हमारा जो व्यवहार रहा है, वो हमारी पहचान बताता है कि हम विजय को पचाना जानते हैं।’
मोदी की भविष्यवाणी- तेजी से गर्त में जाएगा विपक्ष
उन्होंने आगे कहा, ‘पहले भी एनडीए था, आज भी एनडीए है और कल भी एनडीए है। तो हारे कहां भाई? आप सोचिए 10 साल बाद भी कांग्रेस 100 के आंकड़े को नहीं छू पाई। और अगर मैं 2014, 2019 और 2024 में तीन चुनाव को जोड़कर कहूं तो कांग्रेस को तीनों चुनावों में जितनी सीटें नहीं मिलीं, उससे ज्यादा हमें इस एक चुनाव में मिली है। इंडि वालों को अंदाज नहीं है कि पहले तो वो धीरे-धीरे डूब रहे थे, मैं साफ देख रहा हूं- अब ये तेज गति से गर्त में जाने वाले हैं।’
सीटें गिनाकर कांग्रेस को दिखाया आईना
ध्यान रहे कि 2024 में बीजेपी ने 2019 और 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले सबसे कम सीटें जीती हैं। इस बार बीजेपी के खाते में सिर्फ 240 सीटें आईं जबकि उसे 2019 में 303 और 2014 में 282 सीटें आई थीं। उधर, कांग्रेस पार्टी इस बार सबसे बेहतर प्रदर्शन करके भी 99 सीटों तक सिमट गई। उसे 2019 में 52 जबकि 2014 में 44 सीटें मिली थीं। इस तरह, तीनों चुनावों में प्राप्त सीटों को जोड़ दें तो कांग्रेस के पास 195 सीटें होती हैं जो बीजेपी को इस बार मिलीं 240 सीटों से 45 कम है। यह आंकड़ा कांग्रेस को 2014 में मिली सीटों से भी एक कम ही है।
