उन्नाव :
उत्तर प्रदेश के उन्नाव हादसे में 18 लोगों की मौत के बीच बेहद दर्दनाक कहानी सामने आई है। बिहार राज्य के शिवहर का एक परिवार दिल्ली जा रहा था। हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार के 2 बेटे घायल हो गए। किसी सदमे से बचाने के लिए पुलिस और डॉक्टरों ने दोनों लड़कों को बाकी परिजनों की मौत के बारे में नहीं बताया। पहचान के उद्देश्य से जब पुलिसकर्मी दोनों लड़कों को सहारा देकर पोस्टमॉर्टम हाउस ले गई, तो वहां शवों को देखते ही दोनों सुबक-सुबककर रोने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें ढांढस बंधाया।
उन्नाव जिला अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड में 10 मरीज एडमिट हैं। इनमें सबसे पहले बेड पर साहिल लेटा था। बातचीत में 14 साल के साहिल ने बताया कि मंगलवार दोपहर वह शिवहर से बस में बैठे थे। रात में नींद में थे, तभी जोरदार टक्कर हुई। जब होश आया, तो बस के बाहर गिरे हुए थे। साहिल के सिर में चोट के अलावा पैरों में फ्रैक्चर था। परिवार के बारे में पूछने पर साहिल अनजान था। साहिल धीरे से बोला, अम्मी-अब्बू तो पहले अस्पताल में हमारे साथ थे, फिर पता नहीं चला। वो दूसरे अस्पताल में हैं। बगल के बेड पर लेटे साहिल के भाई दिलशाद को भी परिवार के बारे में कुछ नहीं पता था। उसके सिर पर गहरा घाव हुआ है। परिवार के बारे में कोई जानकारी न मिलने पर दिलशाद छटपटा रहा था। उसका मोबाइल भी डिस्चार्ज हो गया। दिलशाद को परेशान देख आसपास के लोगों ने दिलशाद को मोबाइल चार्जर दिया।
माता-पिता समेत 6 लोगों की मौत
दोपहर करीब 2 बजे पुलिसकर्मी साहिल और दिलशाद को सहारा देकर पोस्टमॉर्टम हाउस ले गए। यहां दोनों ने परिवार के 6 लोगों के शवों की पहचान कर ली। इनमें साहिल और दिलशाद के पिता अशफाक (45) और मां मुनचुन खातून (38) के अलावा मोहम्मद शाहिद (3), सुहैल (5), गुलनाज (13) मोहम्मद इलियास (35) और समसुन निशा (30) ने दम तोड़ दिया। सभी लोग मोतिहारी के निवासी थे।
रिश्तेदारों को फोन पर रोते हुए दी जानकारी
पोस्टमॉर्टम हाउस में साहिल और दिलशाद को रोता देख हर किसी का गला रुंध गया। दिलशाद ने अपने रिश्तेदार को फोन पर रोते हुए बताया कि अम्मी-अब्बू सब चले गए, हम लोग अकेले हो गए। दिलशाद ने बताया कि अपना पैतृक घर बनवाने सभी लोग शिवहर गए थे। सभी लोग दिल्ली वापस जा रहे थे। मेरठ में परिवार के लोग सैलून चलाते हैं।
अन्य मृतकों के नाम
दीपक कुमार (शिवहर), शिवदयाल पंडित (शिवहर), मुर्तजा (शिवहर), भरत राय (शिवहर), सोनी खान (सीतामढ़ी), अखलाक बस ड्राइवर (मोतिहारी), सुनील टैंकर ड्राइवर (रायबरेली), हिमांशु (शिवहर), नौशाद आलम (शिवहर)
परिजनों का इंतजार
शवों से मिले कागजों और मोबाइल के आधार पर पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दी। बुधवार शाम तक 10 मृतकों के परिजन उन्नाव नहीं पहुंच सके थे। 2 शवों की पहचान नहीं हो सकी थी।
