लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सैन फ्रांसिस्को की ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के साथ यूपी में नॉलेज स्मार्ट सिटी बनाने के लिए समझौता किया है. ऑस्टिन यूनिवर्सिटी यूपी में 5 हजार एकड़ में नॉलेज सिटी बनाएगी. इसकी लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपए होगी. लेकिन यूपी सरकार का ये समझौता सवालों के घेरे में है. दावा किया जा रहा है कि जिस यूनिवर्सिटी के साथ यूपी सरकार ने समझौता किया है, वह एक छत के नीचे चलती है. इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी में एक भी छात्र भी नहीं पढ़ता.
अमेरिका की ब्यूरो फॉर प्राइवेट पोस्ट सेकेंडरी एजुकेशन ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस को पहले ही कैंसिल कर चुकी है. इतना ही नहीं दावा किया जा रहा है कि ऑस्टिन यूनिवर्सिटी में मात्र 25 फैकल्टी हैं. इसमें एक भी बच्चा नहीं पढ़ता. यह यूनिवर्सिटी सिर्फ एक छत के नीचे चलती है.
ब्यूरो फॉर प्राइवेट पोस्ट सेकेंडरी एजुकेशन ने ऑस्टिन यूनिवर्सिटी पर ढाई हजार डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया था. यूपी में 42 बिलियन डॉलर इन्वेस्ट करने की बात कहने वाली ऑस्टिन यूनिवर्सिटी इस फाइन को भी नहीं भर पाई. यूनिवर्सिटी ने पिछले दिनों सरकार को देने वाले चार्ज से ये कहकर रियायत मांगी थी कि कोरोना के समय काम नहीं चला.
सवालों में यूपी सरकार का ये समझौता
ऑस्टिन यूनिवर्सिटी को लेकर जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, उनके बाद यूपी सरकार का ये समझौता सवालों के घेरे में है. सवाल उठ रहे हैं कि जब इस यूनिवर्सिटी में न स्टूडेंट्स हैं और न इसका ऑफिस तो यह यूपी में इतना बड़ा इंवेस्ट कैसे कर सकती है?
ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के साथ साइन हुआ था MoU
10-12 फरवरी तक यूपी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ समिट के लिए यूपी के दोनों डिप्टी सीएम और मंत्री अलग-अलग देशों के दौरे पर पहुंचे. उसमें रोड शो के अलावा ‘वन टू वन’मीटिंग्स भी हुईं. रोज़गार के बड़े निवेश प्रस्तावों के बीच ये समझौता भी हुआ है, जिससे आने वाले समय में यूपी में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जा सकेगा. रविवार को सैन फ़्रैन्सिस्को में यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की मौजूदगी में प्रदेश में नॉलेज स्मार्ट सिटी बनाने के लिए MoU (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए. ये करार ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के साथ हुआ है.
